अमेरिका ने भारत के चाय-कॉफी-मसालों पर 50% टैरिफ हटाया; बढ़ती महंगाई से बैकफुट पर आया ट्रम्प प्रशासन नई दिल्ली |
अमेरिका ने भारत के चाय-कॉफी-मसालों पर 50% टैरिफ हटाया; बढ़ती महंगाई से बैकफुट पर आया ट्रम्प प्रशासन
नई दिल्ली |
अमेरिका ने भारत से आयात होने वाले चाय, कॉफी, मसाले, ट्रॉपिकल फल और फ्रूट जूस जैसे प्रमुख एग्रीकल्चर प्रोडक्ट्स पर लगाए गए 50% रेसिप्रोकेल टैरिफ को हटाने का बड़ा फैसला लिया है। इस कदम की जानकारी भारत के वाणिज्य मंत्रालय ने 17 नवंबर को दी। डायरेक्टोरेट जनरल ऑफ फॉरेन ट्रेड (DGFT) ने कहा कि यह फैसला भारतीय निर्यातकों को अंतरराष्ट्रीय बाजार में लेवल प्लेइंग फील्ड प्रदान करेगा।
महंगाई से परेशान अमेरिकी जनता, ट्रम्प ने साइन किए आदेश
टैरिफ हटाने का मुख्य कारण अमेरिका में तेजी से बढ़ती खाद्य महंगाई बताई जा रही है। रिपोर्ट्स के अनुसार, ट्रम्प प्रशासन उपभोक्ताओं पर बढ़ते दामों का बोझ कम करना चाहता है। इसी उद्देश्य से राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने शुक्रवार को एक कार्यकारी आदेश (Executive Order) पर हस्ताक्षर किए, जिसके तहत बीफ, कॉफी, फलों और कई अन्य कृषि उत्पादों पर लगे टैरिफ को हटा दिया गया।
'द गार्डियन' की रिपोर्ट के मुताबिक, अमेरिका में अप्रैल से सितंबर 2025 के बीच खाद्य पदार्थों के दाम 2.7% बढ़े, वहीं बीफ और केले 7% महंगे हुए। अमेरिका के कई परिवार महंगाई से इतनी परेशानी में हैं कि उनकी मासिक लागत में औसतन ₹9,000 से ₹66,000 तक की बढ़ोतरी दर्ज की गई है। इसी बढ़ती असंतोष के चलते व्हाइट हाउस पर दबाव बढ़ा और ट्रम्प प्रशासन को यह कदम उठाना पड़ा।
भारत को बड़ा फायदा, 9,000 करोड़ का निर्यात हुआ टैक्स-फ्री
वित्त वर्ष 2025 में भारत ने अमेरिका को $2.5 अरब (₹22,000 करोड़) के एग्री प्रोडक्ट्स का निर्यात किया। इनमें से करीब ₹9,000 करोड़ का निर्यात अब पूरी तरह टैक्स-फ्री हो गया है। पहले अमेरिका ने रूस से कच्चा तेल खरीदने को लेकर भारत पर retaliatory tariff के रूप में यह अतिरिक्त 50% शुल्क लगाया था।
अब इस टैरिफ हटने से भारतीय किसानों, कॉफी-टी उद्योग, मसाला उद्योग और फल उत्पादकों को अमेरिकी बाजार में बेहतर प्रतिस्पर्धा मिलेगी। इससे भारत के एग्री-एक्सपोर्ट में तेजी आने की संभावना है।
भारत-अमेरिका ट्रेड डील अंतिम चरण में
भारत के वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने कहा कि दोनों देशों के बीच एक व्यापक ट्रेड डील लगभग पूरी हो चुकी है। इसमें 25% रेसिप्रोकेल टैरिफ और कच्चे तेल पर अतिरिक्त 25% ड्यूटी जैसे मुद्दों पर सहमति बन गई है। उम्मीद है कि यह ट्रेड समझौता अगले कुछ हफ्तों में अंतिम रूप ले लेगा।
यह ट्रेड डील फरवरी 2025 से लगातार चर्चा में थी और इसे दोनों देशों के संबंधों के लिए एक बड़ा आर्थिक मोड़ माना जा रहा है।
भारत–अमेरिका व्यापार संबंध मजबूत होने की उम्मीद
भारत ने FY25 में अमेरिका को $86.51 अरब (₹7.66 लाख करोड़) का निर्यात किया, जिसमें टेक्सटाइल्स, ज्वेलरी, इंजीनियरिंग गुड्स और मशीनरी जैसी शीर्ष कैटेगरी शामिल हैं। इन पांच प्रमुख सेक्टर्स से ही $60 अरब (₹5.3 लाख करोड़) का निर्यात हुआ।
सरकारी अनुमान के अनुसार, भारत के लगभग ₹4.3 लाख करोड़ के एक्सपोर्ट पर अमेरिका ने अभी तक हाई टैरिफ लगाए हुए थे, जिनमें से कई पर अब राहत मिलती दिख रही है।
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