कोटा में आग की बढ़ती घटनाएं: एयरपोर्ट परिसर से लेकर ऐतिहासिक पेड़ तक, गर्मी बनी बड़ी वजह

अप्रैल 27, 2026 - 17:44
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कोटा में आग की बढ़ती घटनाएं: एयरपोर्ट परिसर से लेकर ऐतिहासिक पेड़ तक, गर्मी बनी बड़ी वजह

कोटा में आग की बढ़ती घटनाएं: एयरपोर्ट परिसर से लेकर ऐतिहासिक पेड़ तक, गर्मी बनी बड़ी वजह

राजस्थान के कोटा में इन दिनों भीषण गर्मी का असर सिर्फ लोगों की दिनचर्या तक सीमित नहीं है, बल्कि यह शहर में आग की घटनाओं में भी तेज़ी से इजाफा कर रहा है। सोमवार को ऐसी ही एक बड़ी घटना सामने आई, जब कोटा एयरपोर्ट परिसर में सूखी झाड़ियों में अचानक आग लग गई। देखते ही देखते यह आग विकराल रूप धारण कर गई और लगभग आधा किलोमीटर के क्षेत्र में फैल गई, जिससे पूरे इलाके में हड़कंप मच गया।

एयरपोर्ट परिसर में मचा हड़कंप

घटना सोमवार दोपहर की बताई जा रही है, जब एयरपोर्ट परिसर के अंदर कर्मचारियों ने झाड़ियों से धुआं उठता देखा। शुरुआत में यह मामूली लग रही थी, लेकिन कुछ ही मिनटों में आग ने तेज़ लपटों का रूप ले लिया। चूंकि एयरपोर्ट एक संवेदनशील क्षेत्र होता है, इसलिए घटना की सूचना मिलते ही प्रशासन और दमकल विभाग पूरी तरह अलर्ट हो गया।

कंट्रोल रूम से तुरंत संदेश जारी किया गया और एक के बाद एक कुल 6 फायर ब्रिगेड की गाड़ियां मौके पर रवाना की गईं। दमकल कर्मियों ने बिना समय गंवाए आग बुझाने का अभियान शुरू किया। हालांकि तेज़ गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण आग तेजी से फैलती जा रही थी, जिससे हालात और चुनौतीपूर्ण हो गए।

दमकल कर्मियों की कड़ी मशक्कत

मुख्य अग्निशमन अधिकारी राकेश व्यास के अनुसार, आग पर काबू पाना आसान नहीं था। तेज हवाओं और सूखी वनस्पति ने आग को फैलने में मदद की, जिससे दमकल कर्मियों को काफी मेहनत करनी पड़ी। कई घंटों की लगातार कोशिशों के बाद आखिरकार आग पर नियंत्रण पाया जा सका।

उन्होंने बताया कि प्रारंभिक जांच में आग लगने का स्पष्ट कारण सामने नहीं आया है, लेकिन संभावना जताई जा रही है कि भीषण गर्मी और सूखी झाड़ियों के कारण यह आग भड़की और तेजी से फैल गई।

हर दिन बढ़ रही आग की घटनाएं

कोटा में इन दिनों आग लगने की घटनाएं लगातार बढ़ रही हैं। स्थानीय प्रशासन के अनुसार, शहर में प्रतिदिन 3 से 5 आग की घटनाएं सामने आ रही हैं। इनमें ज्यादातर मामले सूखी घास, झाड़ियों या कचरे में आग लगने से जुड़े होते हैं।

विशेषज्ञों का मानना है कि अप्रैल-मई के महीनों में तापमान 40 डिग्री सेल्सियस से ऊपर पहुंच जाता है, जिससे सूखी वनस्पति बेहद ज्वलनशील हो जाती है। ऐसे में छोटी सी चिंगारी भी बड़ी आग का रूप ले सकती है।

कोलाना में 500 साल पुराना पेड़ जला

इसी दिन कोटा के कोलाना क्षेत्र में एक और चौंकाने वाली घटना सामने आई। यहां करीब 500 साल पुराने एक विशाल पेड़ के तने में आग लग गई। पेड़ के तने से उठती लपटों को देखकर आसपास के लोग घबरा गए और तुरंत दमकल विभाग को सूचना दी।

सूचना मिलते ही दमकल की गाड़ी मौके पर पहुंची और आग पर काबू पाया गया। हालांकि इस आग से पेड़ को काफी नुकसान हुआ है। प्रारंभिक अनुमान के अनुसार, पेड़ के आसपास मौजूद सूखी झाड़ियों में पहले आग लगी होगी, जो धीरे-धीरे पेड़ के तने तक पहुंच गई।

पर्यावरण और विरासत पर खतरा

कोलाना का यह पेड़ स्थानीय लोगों के लिए सिर्फ एक पेड़ नहीं, बल्कि एक ऐतिहासिक धरोहर था। करीब 500 साल पुराना यह पेड़ क्षेत्र की पहचान माना जाता था। इस घटना ने लोगों को झकझोर कर रख दिया है और यह सवाल भी खड़ा कर दिया है कि क्या हम अपनी प्राकृतिक विरासत की सुरक्षा के प्रति पर्याप्त सतर्क हैं।

प्रशासन की अपील

इन घटनाओं के बाद प्रशासन ने लोगों से सावधानी बरतने की अपील की है। खासतौर पर गर्मी के मौसम में खुले में कचरा जलाने, सिगरेट या बीड़ी के टुकड़े फेंकने और सूखी घास के पास आग जलाने से बचने के लिए कहा गया है।

अग्निशमन विभाग ने यह भी सुझाव दिया है कि संवेदनशील क्षेत्रों, जैसे एयरपोर्ट, जंगल या खाली मैदानों में नियमित रूप से सफाई और सूखी झाड़ियों को हटाने का काम किया जाना चाहिए, ताकि आग लगने की संभावनाओं को कम किया जा सके।

कोटा में बढ़ती आग की घटनाएं एक गंभीर चेतावनी हैं। चाहे वह एयरपोर्ट जैसा संवेदनशील क्षेत्र हो या सदियों पुराना पेड़, हर जगह आग का खतरा बढ़ता जा रहा है। यह सिर्फ प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि आम नागरिकों को भी जागरूक और सतर्क रहने की जरूरत है।

अगर समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए, तो आने वाले दिनों में ऐसी घटनाएं और भी खतरनाक रूप ले सकती हैं। इसलिए जरूरी है कि हम सभी मिलकर इस समस्या को समझें और इसे रोकने के लिए प्रयास करें।

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