टॉप नक्सली हिड़मा के मारे जाने की खबर: 76 CRPF जवानों की हत्या और झीरम घाती हमले का मास्टरमाइंड
टॉप नक्सली हिड़मा के मारे जाने की खबर: 76 CRPF जवानों की हत्या और झीरम घाती हमले का मास्टरमाइंड
जगदलपुर |
छत्तीसगढ़ के सबसे खूंखार और वांछित नक्सली नेताओं में से एक माड़वी हिड़मा के मारे जाने की खबर सामने आ रही है। हिड़मा वही कुख्यात नक्सली है जो 2010 में दांतेवाड़ा में 76 CRPF जवानों की हत्या, 2013 के झीरम घाटी हमले, और कई बड़े नक्सली हमलों का मुख्य साजिशकर्ता माना जाता है। हालांकि, सुरक्षा एजेंसियों की ओर से अभी इसकी आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।
छत्तीसगढ़-आंध्र बॉर्डर पर मुठभेड़, हिड़मा और पत्नी के मारे जाने का दावा
पहली मुठभेड़ छत्तीसगढ़-आंध्र प्रदेश बॉर्डर पर हुई, जहां हिड़मा और उसकी पत्नी राजे उर्फ रजक्का के मारे जाने की जानकारी सामने आई है। दोनों के शवों की कथित तस्वीरें भी वायरल हो रही हैं। सुरक्षा एजेंसियां तस्वीरों और पहचान की जांच कर रही हैं।
हिड़मा की उम्र 40–45 वर्ष के बीच बताई जाती है और वह बास्तर डिवीजन में PLGA की बटालियन नंबर 1 का चीफ कमांडर था।
सुकमा में दूसरी मुठभेड़, 6 नक्सली ढेर
इसी समय सुकमा जिले के एर्राबोर थाना क्षेत्र में दूसरी मुठभेड़ चल रही है। 18 नवंबर की सुबह DRG और जिला पुलिस बल की टीम की नक्सलियों से भिड़ंत हुई। इस मुठभेड़ में अब तक 6 नक्सली मारे गए हैं। जवानों द्वारा इलाके में सर्च ऑपरेशन जारी है, और संभावना है कि संख्या बढ़ सकती है।
सूचना पर निकली थी DRG टीम
माना जा रहा है कि पुलिस को रात में सूचना मिली थी कि एर्राबोर के घने जंगलों में बड़ी संख्या में नक्सली जुटे हुए हैं। सूचना की पुष्टि होते ही देर रात DRG (District Reserve Guard) की टीम मौके के लिए रवाना हुई।
सुबह होते ही नक्सलियों ने जवानों को देखते ही फायरिंग शुरू कर दी। जवानों ने भी जवाबी कार्रवाई की और दोनों ओर से लगभग एक घंटे तक रुक-रुक कर गोलाबारी होती रही। अभी पूरे क्षेत्र में कॉम्बिंग ऑपरेशन जारी है। फिलहाल मुठभेड़ स्थल से हथियार और अन्य सामान बरामद हुआ है।
पिछले 10 दिनों में 15 नक्सली मारे जा चुके
हिड़मा के मारे जाने की खबर ऐसे समय में आई है जब पिछले कुछ दिनों से पुलिस और सुरक्षा बल लगातार नक्सल इलाकों में सर्च ऑपरेशन तेज किए हुए हैं।
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16 नवंबर को सुकमा के तुमालपाड़ जंगल में मुठभेड़ में 3 नक्सली मारे गए थे। इनके पास से हथियार बरामद हुए थे।
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11 नवंबर को बीजापुर जिले में हुए मुठभेड़ में 6 नक्सली, जिनमें 3 महिलाएं शामिल थीं, ढेर किए गए थे। इनमे मद्देड़ एरिया कमेटी का इंचार्ज बुच्चन्ना और टॉप लीडर पापाराव की पत्नी उर्मिला भी शामिल थी।
पापाराव इस मुठभेड़ से फिर बचकर निकल भागा था।
हिड़मा का अंत नक्सलवाद के लिए बड़ा झटका?
अगर हिड़मा के मारे जाने की आधिकारिक पुष्टि होती है, तो यह छत्तीसगढ़ में नक्सल संगठन के लिए सबसे बड़ा नुकसान होगा।
हिड़मा पर 40 लाख से 50 लाख रुपये तक का इनाम घोषित था। वह नक्सलियों की कई बड़ी रणनीतियों, सुरंग हमलों और घात लगाकर की जाने वाली लड़ाइयों का मास्टर ट्रेनर माना जाता था।
सुरक्षा एजेंसियों को पुष्टि के लिए डीएनए मिलान और अन्य सबूत इकट्ठा करने में कुछ समय लगेगा।
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