अंता (बारां) उपचुनाव 2025: कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया की 15,612 वोटों से ऐतिहासिक जीत |

नवंबर 14, 2025 - 17:18
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अंता (बारां) उपचुनाव 2025: कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया की 15,612 वोटों से ऐतिहासिक जीत |

अंता (बारां) उपचुनाव 2025: कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया की 15,612 वोटों से ऐतिहासिक जीत | 

राजस्थान की राजनीति में महत्वपूर्ण माने जाने वाली अंता (बारां) विधानसभा सीट के उपचुनाव के नतीजों ने कांग्रेस को बड़ी राहत और मजबूती प्रदान की है। इस उपचुनाव में भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के अनुभवी और लोकप्रिय नेता प्रमोद जैन भाया ने शानदार जीत हासिल करते हुए भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवारों को कड़ी चुनौती दी। भाया को कुल 69,571 वोट प्राप्त हुए, जबकि भाजपा के उम्मीदवार मोरपाल सुमन को 53,959 वोट ही मिल सके। इस प्रकार कांग्रेस प्रत्याशी ने 15,612 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की, जिसे कांग्रेस के लिए एक महत्वपूर्ण राजनीतिक संदेश माना जा रहा है।

नतीजों की प्रमुख बातें

कांग्रेस — प्रमोद जैन भाया

  • कुल वोट: 69,571

  • जीत का अंतर: 15,612 वोट

भाजपा — मोरपाल सुमन

  • कुल वोट: 53,959

  • हार का अंतर: 15,612 वोट

निर्दलीय — नरेश मीणा

  • कुल वोट: 49,566


18वें राउंड में ही तय हो गई थी तस्वीर

मतगणना के 18वें राउंड तक कांग्रेस प्रत्याशी की बढ़त 15,000 से अधिक पहुंच चुकी थी, जिससे यह साफ हो गया था कि अंता सीट पर कांग्रेस बड़ी जीत की ओर बढ़ रही है।

मतगणना प्रारंभ होते ही शुरुआती रुझानों में कांग्रेस के पक्ष में संकेत मिलने शुरू हो गए थे। पहले कुछ राउंड में बीजेपी ने मुकाबला बनाए रखा, लेकिन छठे राउंड के बाद से ही प्रमोद जैन भाया लगातार बड़ी बढ़त बनाते चले गए। मतगणना आगे बढ़ने के साथ यह बढ़त और मजबूत होती गई। जैसे-जैसे राउंड बढ़ते गए, भाया की लीड 10,000 से पार हो गई। 18वें राउंड तक यह बढ़त बढ़कर 15,000 से अधिक हो चुकी थी, जिससे यह लगभग स्पष्ट हो गया कि अंता की जनता ने कांग्रेस को फिर से चुना है। अंतिम राउंड में अंतर 15,612 वोटों पर जाकर स्थिर हुआ।

इस चुनाव का एक दिलचस्प पहलू यह भी रहा कि निर्दलीय उम्मीदवार नरेश मीणा ने भी प्रभावशाली प्रदर्शन किया। उन्हें कुल 49,566 वोट प्राप्त हुए, जो यह दर्शाता है कि अंता क्षेत्र में स्थानीय मुद्दों और सामाजिक समीकरणों का अपना प्रभाव रहा। इसके बावजूद दोनों बड़े दलों के बीच मुकाबले में अंततः कांग्रेस ने स्पष्ट बढ़त बनाई।

क्यों महत्वपूर्ण है यह जीत?

अंता सीट हमेशा से राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण मानी जाती है। यह क्षेत्र विकास, किसान मुद्दों और स्थानीय नेतृत्व की मजबूती के आधार पर मतदान करता है। प्रमोद जैन भाया ने बीते वर्षों में कई विकास कार्यों के चलते अपनी मजबूत पकड़ बनाए रखी है। उनकी छवि एक जमीनी नेता की रही है, जो सीधे जनता से संवाद करते हैं। यही वजह रही कि उपचुनाव में भी जनता ने कांग्रेस उम्मीदवार पर भरोसा जताया।

दूसरी ओर, भाजपा ने इस सीट पर जितना जोर लगाया था, उतनी उम्मीद के अनुरूप वोटों में उसे फायदा नहीं मिला। मोरपाल सुमन का प्रदर्शन ठीक रहा, परंतु वह कांग्रेस उम्मीदवार की लोकप्रियता और क्षेत्र में उनकी पकड़ को चुनौती नहीं दे सके।

राजनीतिक प्रभाव

अंता उपचुनाव का यह परिणाम केवल एक सीट का आंकड़ा नहीं है, बल्कि यह भविष्य के राजनीतिक समीकरणों को प्रभावित करने वाला संकेत है। राजस्थान में कांग्रेस और भाजपा के बीच राजनीतिक संघर्ष हमेशा तीव्र रहा है। ऐसे में इस उपचुनाव का नतीजा कांग्रेस संगठन के मनोबल को बढ़ाने वाला है, जबकि भाजपा के लिए यह परिणाम आत्ममंथन का विषय हो सकता है।

अंता (बारां) उपचुनाव: कांग्रेस के प्रमोद जैन भाया की बड़ी जीत, भाजपा और निर्दलीय उम्मीदवार पीछे

राजस्थान की अंता (बारां) विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव के नतीजे घोषित हो गए हैं, जिसमें भारतीय राष्ट्रीय कांग्रेस के प्रत्याशी प्रमोद जैन भाया ने शानदार जीत दर्ज की है। भाया को कुल 69,571 वोट मिले, जबकि भाजपा उम्मीदवार मोरपाल सुमन को 53,959 वोट ही हासिल हुए। इस तरह कांग्रेस ने 15,612 वोटों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।


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