लाल किला धमाके के बाद कश्मीर में सुरक्षा अभियान तेज, 500 छापे और 600 हिरासतें

नवंबर 26, 2025 - 18:17
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लाल किला धमाके के बाद कश्मीर में सुरक्षा अभियान तेज, 500 छापे और 600 हिरासतें

लाल किला धमाके के बाद कश्मीर में सुरक्षा अभियान तेज, 500 छापे और 600 हिरासतें

आतंकी नेटवर्क की कड़ियाँ फरीदाबाद से कश्मीर तक; डॉक्टर उमर नबी मुख्य संदिग्ध

नई दिल्ली/श्रीनगर, 26 नवंबर 2025 — दिल्ली के लाल किला के पास 11 नवंबर 2025 को हुए कार बम धमाके के बाद जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा एजेंसियों ने अब तक का सबसे बड़ा सुरक्षा अभियान शुरू कर दिया है। इस हमले में 13 लोगों की मौत और 20 से अधिक घायल हुए थे। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि इस आतंकी हमले के तार जम्मू-कश्मीर, फरीदाबाद और देश के अन्य हिस्सों में फैले एक संगठित नेटवर्क से जुड़े हो सकते हैं। इसी के चलते कश्मीर घाटी में व्यापक छापेमारी और बड़ी संख्या में हिरासतें की जा रही हैं।


घाटी में "पैन वैली अभियान": 500 से अधिक छापे, 600 हिरासतें

हमले के तुरंत बाद जम्मू-कश्मीर पुलिस, NIA और IB ने संयुक्त रूप से "पैन वैली अभियान" शुरू किया।

  • श्रीनगर, पुलवामा, कुलगाम, बारामूला, शोपियां और सोपोर जैसे संवेदनशील जिलों में 500 से अधिक छापेमारी की गई।

  • अब तक 600 से अधिक संदिग्धों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें से कई को पूछताछ के लिए विभिन्न कैंपों में रखा गया है।

अधिकारियों का कहना है कि यह कार्रवाई मुख्य रूप से जमात-ए-इस्लामी (JeI) के पुनर्गठन की गतिविधियों को रोकने के लिए की गई है। छापों के दौरान आतंकी प्रचार सामग्री, प्रतिबंधित संगठनों के पोस्टर, मोबाइल फोन, हार्ड डिस्क और संवेदनशील दस्तावेज़ बरामद किए गए हैं।


"सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल" का खुलासा, 250+ लोगों से पूछताछ

जांच एजेंसियों ने दावा किया है कि धमाके के बाद सामने आया सबसे चौंकाने वाला तथ्य कश्मीर में सक्रिय "सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल" है।
दो गुर्गों की गिरफ्तारी के बाद इस मॉड्यूल का पर्दाफाश हुआ, जिन्होंने पूछताछ में कई नाम सामने रखे।

  • अब तक 250 से अधिक लोगों से पूछताछ की गई है।

  • पूछताछ में डॉक्टर्स, सरकारी कर्मचारी, स्थानीय व्यापारियों और पूर्व जमात-ए-इस्लामी कैडर शामिल हैं।

इसके अलावा, जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े संदिग्धों पर भी शिकंजा कस रहा है। जैश मॉड्यूल में शामिल 22 लोगों को हिरासत में लिया गया है, जिनमें 4 डॉक्टर, एक मौलवी और कई स्थानीय समर्थक बताए जा रहे हैं।


उमर नबी शक के घेरे में, फरीदाबाद कनेक्शन की जाँच

जांच में अहम भूमिका निभा रहा नाम है — पुलवामा का डॉक्टर उमर नबी, जिसे धमाके का संभावित मास्टरमाइंड माना जा रहा है।
जांच अधिकारियों के अनुसार:

  • उमर नबी का लिंक फरीदाबाद स्थित अल-फलाह यूनिवर्सिटी से जुड़ा है।

  • विश्वविद्यालय परिसर से कई छात्रों और कर्मचारियों को पूछताछ के लिए उठाया गया है।

  • नबी पर आरोप है कि वह मेडिकल पेशे का इस्तेमाल आतंकी स्लीपर सेल को सक्रिय करने और ब्लास्ट की योजना बनाने में कर रहा था।

14 नवंबर को सुरक्षा बलों ने पुलवामा में उमर नबी के घर को IED ब्लास्ट से नष्ट कर दिया, जिसे एक बड़ा “प्रिवेंटिव स्ट्राइक” माना जा रहा है।


कश्मीर में तनाव, राजनीतिक हलचल तेज

विस्तृत अभियान की वजह से कश्मीर घाटी में तनाव बढ़ गया है। कई परिवारों ने आरोप लगाया है कि “निर्दोष लोगों को उठाया जा रहा है,” जबकि पुलिस का कहना है कि सभी कार्रवाई खुफिया इनपुट के आधार पर हो रही है।

इस बीच दिल्ली और श्रीनगर के बीच राजनीतिक गतिविधियाँ भी तेज हो गई हैं।

  • गृह मंत्री अमित शाह ने अपने आवास पर उच्च स्तरीय बैठक बुलाई।

  • बैठक में NSA अजीत डोभाल और IB चीफ शामिल हुए।

  • प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बयान जारी कर कहा कि “इस कायराना हमला करने वालों को कड़ी से कड़ी सजा दी जाएगी।”


दिल्ली धमाके के बाद कश्मीर में 500 ठिकानों पर छापेमारी, 600 लोग हिरासत में;  सफेदपोश मॉड्यूल पर शिकंजा – DAINIK VISHWA PARIWAR


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