लाज़मी मांग और निवेशकों की वापसी से लग्जरी घरों की कीमतों में 40% की बड़ी छलांग
लाज़मी मांग और निवेशकों की वापसी से लग्जरी घरों की कीमतों में 40% की बड़ी छलांग
2022 से 2025 के बीच दिल्ली–एनसीआर सबसे तेज़ी से बढ़ा बाज़ार; किफायती घरों की रफ्तार धीमी
देश के रियल एस्टेट सेक्टर में लग्जरी हाउसिंग सेगमेंट ने पिछले तीन वर्षों में अभूतपूर्व उछाल दर्ज किया है। एनारॉक रिसर्च की ताज़ा रिपोर्ट के अनुसार, 2022 से 2025 के बीच देशभर के प्रमुख शहरों में लग्जरी घरों की कीमतों में कुल मिलाकर 40% की वृद्धि हुई है। इसके विपरीत, किफायती आवास वर्ग (₹40 लाख से कम) केवल 26% की वृद्धि के साथ पिछड़ता नज़र आया।
लग्जरी सेगमेंट में बढ़ती मांग, उच्च आय वर्ग की खरीद क्षमता में इज़ाफ़ा और एनआरआई निवेशकों की सक्रियता इस तेज़ी के प्रमुख कारण माने जा रहे हैं।
दिल्ली–एनसीआर: 72% की ऐतिहासिक वृद्धि, देश में सबसे आगे
रिपोर्ट के मुताबिक, लग्जरी सेगमेंट में सबसे तेज़ बढ़त दिल्ली–एनसीआर ने दर्ज की।
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2022 में जहाँ लग्जरी घरों की औसत कीमत ₹13,450 प्रति वर्ग फुट थी,
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वहीं 2025 में यह बढ़कर ₹23,100 प्रति वर्ग फुट पहुंच गई,
जिसमें 72% की जबरदस्त छलांग शामिल है।
रियल एस्टेट विशेषज्ञों का मानना है कि दिल्ली–एनसीआर में प्रीमियम लोकेशनों, आवासीय टाउनशिपों और हाई-नेटवर्थ बायर्स की मांग लगातार बढ़ रही है। नोएडा, गुरुग्राम और दक्षिण दिल्ली में बड़े डेवलपर्स के नए प्रोजेक्ट्स इस वृद्धि को और आगे बढ़ा रहे हैं।
ऑल-इंडिया स्तर पर 40% बढ़ीं लग्जरी कीमतें
भारत के टॉप शहर—दिल्ली–एनसीआर, मुंबई और बेंगलुरु—लग्जरी हाउसिंग की जमकर मांग को दर्शाते हैं।
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2022 में लग्जरी घरों की औसत कीमत ₹14,530 प्रति वर्ग फुट थी।
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2025 में यह बढ़कर ₹20,300 प्रति वर्ग फुट हो गई।
एनारॉक के अनुसार, यह वृद्धि इस बात का संकेत है कि पोस्ट-कोविड काल में उपभोक्ताओं की प्राथमिकता अधिक स्पेशियस, हाई-एंड, सुविधाओं से लैस और सुरक्षित घरों की ओर बढ़ी है।
मुंबई और बेंगलुरु भी तेज़ रफ्तार में
लग्जरी कीमतों में उल्लेखनीय वृद्धि दूसरे प्रमुख महानगरों में भी देखी गई—
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मुंबई मेट्रोपॉलिटन रीजन (MMR) में 43% की बढ़त,
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बेंगलुरु में 42% की वृद्धि हुई।
मुंबई में सीमित भूमि उपलब्धता, और बेंगलुरु में बढ़ती आईटी आय और हाई-एंड निवासियों की बढ़ती संख्या इस उछाल की मुख्य वजहें मानी जा रही हैं।
किफायती घर पीछे छूटे — केवल 26% की वृद्धि
लग्जरी सेगमेंट की तुलना में किफायती हाउसिंग की कीमतें अपेक्षाकृत धीमी रफ्तार से बढ़ीं।
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2022 में किफायती घरों की औसत दर ₹4,220 प्रति वर्ग फुट थी।
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2025 में यह बढ़कर ₹5,299 प्रति वर्ग फुट हुई।
इस श्रेणी में वृद्धि केवल 26% रही, जो यह दर्शाती है कि बढ़ती लागत, सीमित सरकारी प्रोत्साहन और डेवलपर्स के कम मार्जिन के कारण यह सेगमेंट दबाव में है।
किफायती घरों में सबसे तेज वृद्धि: दिल्ली–एनसीआर और हैदराबाद
किफायती सेगमेंट में भी दिल्ली–एनसीआर ने अन्य शहरों को पीछे छोड़ते हुए 48% वृद्धि दर्ज की, जबकि हैदराबाद में यह वृद्धि 35% रही।
विशेषज्ञों का कहना है कि इन शहरों में माइग्रेशन, नए रोजगार अवसर और बजट श्रेणी की मांग में निरंतर बढ़ोतरी ने कीमतों को ऊपर धकेला।
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