केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) के तहत राज्यों
केंद्र सरकार ने प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण (PMAY-G) के तहत राज्यों और केंद्रशासित प्रदेशों को 4 करोड़ से अधिक घर आवंटित किए हैं। इस योजना का उद्देश्य ग्रामीण क्षेत्रों में बेघर और कमजोर आय वर्ग के परिवारों को पक्का मकान उपलब्ध कराना है, ताकि हर व्यक्ति के पास सुरक्षित और सम्मानजनक आवास हो।
सरकारी आंकड़ों के अनुसार, अब तक करोड़ों लाभार्थियों को इस योजना के तहत घर दिए जा चुके हैं और शेष आवंटित घरों के निर्माण का कार्य तेज गति से चल रहा है। योजना के तहत प्रत्येक लाभार्थी को पक्के मकान के निर्माण के लिए वित्तीय सहायता दी जाती है, जिसमें केंद्र और राज्य सरकारें मिलकर योगदान करती हैं। इसके साथ ही शौचालय, स्वच्छ पेयजल, और बिजली जैसी बुनियादी सुविधाओं को भी प्राथमिकता दी जाती है, ताकि ग्रामीण जीवन स्तर में व्यापक सुधार हो सके।
प्रधानमंत्री आवास योजना – ग्रामीण की शुरुआत 2016 में हुई थी, और तब से अब तक यह देश के सबसे बड़े ग्रामीण आवास कार्यक्रमों में से एक बन गई है। सरकार का लक्ष्य है कि 2024-25 तक देश के सभी पात्र परिवारों को पक्का घर उपलब्ध करा दिया जाए। इसके लिए आवंटन प्रक्रिया को पारदर्शी और लाभार्थी-केंद्रित बनाने के लिए ऑनलाइन पोर्टल और डिजिटल मॉनिटरिंग सिस्टम का उपयोग किया जा रहा है।
विशेषज्ञों का मानना है कि इस योजना ने न केवल ग्रामीणों को आवास प्रदान किया है, बल्कि स्थानीय स्तर पर रोजगार के अवसर भी बढ़ाए हैं, क्योंकि घरों के निर्माण में स्थानीय मजदूरों, कारीगरों और सामग्री आपूर्तिकर्ताओं की सीधी भागीदारी होती है।
सरकार का दावा है कि PMAY-G के जरिए "सबके लिए आवास" के लक्ष्य की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है, और यह योजना ग्रामीण गरीबी कम करने तथा सामाजिक-आर्थिक विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही है।
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