कोटा: कांग्रेस बैठक में गुटबाजी खुलकर आई सामने, ‘संगठन बढ़ाओ’ अभियान के दौरान हंगामा

अप्रैल 10, 2026 - 17:40
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कोटा: कांग्रेस बैठक में गुटबाजी खुलकर आई सामने, ‘संगठन बढ़ाओ’ अभियान के दौरान हंगामा

कोटा: कांग्रेस बैठक में गुटबाजी खुलकर आई सामने, ‘संगठन बढ़ाओ’ अभियान के दौरान हंगामा

राजस्थान के Kota शहर में कांग्रेस की अंदरूनी गुटबाजी एक बार फिर खुलकर सामने आ गई। ‘संगठन बढ़ाओ, लोकतंत्र बचाओ’ अभियान के तहत आयोजित बैठक में कांग्रेस कार्यालय में जमकर हंगामा हुआ। बैठक का उद्देश्य संगठन को मजबूत करना और कार्यकर्ताओं को एकजुट करना था, लेकिन कार्यक्रम के दौरान ही नेताओं के समर्थकों के बीच टकराव हो गया।

बैठक में कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व मंत्री Shanti Dhariwal और पूर्व विधायक व लोकसभा प्रत्याशी Prahlad Gunjal के समर्थक आमने-सामने आ गए। दोनों गुटों के कार्यकर्ताओं ने अपने-अपने नेताओं के समर्थन में जमकर नारेबाजी की। स्थिति इतनी बिगड़ गई कि कार्यकर्ताओं के बीच धक्का-मुक्की और हाथापाई तक की नौबत आ गई।

हालांकि, मौके पर मौजूद अन्य वरिष्ठ नेताओं ने हस्तक्षेप कर स्थिति को संभाला। जिला प्रभारी Pushpendra Bhardwaj, अल्पसंख्यक मोर्चा के प्रदेश अध्यक्ष Amin Pathan और देहात जिलाध्यक्ष Bhanu Pratap समेत अन्य नेताओं ने कार्यकर्ताओं को शांत कर माहौल को नियंत्रण में किया।

विवाद की वजह: नाम न लेने पर नाराजगी

दरअसल, बैठक की शुरुआत में शहर जिला कांग्रेस अध्यक्ष Rakhi Gautam ने मंच से नेताओं का स्वागत किया। इसी दौरान प्रह्लाद गुंजल के समर्थकों ने आरोप लगाया कि उनके नेता का नाम संबोधन में नहीं लिया गया, जिससे वे नाराज हो गए और विरोध शुरू कर दिया। यही विवाद धीरे-धीरे बढ़ते हुए हंगामे में बदल गया।

गुंजल बोले—गलतफहमी थी, कोई गुटबाजी नहीं

घटना के बाद प्रह्लाद गुंजल ने मामले को शांत करने की कोशिश की। उन्होंने कहा कि कोई बड़ी बात नहीं थी, कुछ कार्यकर्ताओं में गलतफहमी हो गई थी, जिसे समझा दिया गया है। उन्होंने साफ कहा कि गुटबाजी जैसी कोई स्थिति नहीं है और बैठक सफलतापूर्वक पूरी हो गई।

संगठन मजबूत करने पर चर्चा

राखी गौतम ने बताया कि बैठक में संगठन को मजबूत बनाने, पदाधिकारियों को सक्रिय करने और सरकार की नीतियों के खिलाफ आंदोलन की रणनीति पर चर्चा हुई। उन्होंने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता जनता के मुद्दों को लेकर सड़कों पर उतरेंगे और सरकार के खिलाफ विरोध प्रदर्शन करेंगे।

हंगामे पर उन्होंने कहा कि कुछ कार्यकर्ता जोश में आकर नारेबाजी कर रहे थे, लेकिन इसे बड़ा विवाद नहीं माना जाना चाहिए। उनके अनुसार, सभी वरिष्ठ नेता पार्टी के लिए समान रूप से महत्वपूर्ण हैं और सभी मिलकर काम कर रहे हैं।

जिला प्रभारी बोले—गुटबाजी से पार्टी कमजोर

जिला प्रभारी पुष्पेंद्र भारद्वाज ने स्वीकार किया कि थोड़ी बहुत कहासुनी और हंगामा हुआ था। उन्होंने कहा कि गुटबाजी पार्टी के लिए नुकसानदायक है और यही कारण है कि संगठन कई जगह कमजोर हुआ है। हालांकि उन्होंने यह भी कहा कि अब पार्टी को संगठन स्तर पर मजबूत करने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।

कार्यकर्ताओं का तंज—‘संगठन बढ़ाओ’ से पहले ‘संगठन बचाओ’

बैठक के दौरान कुछ कार्यकर्ताओं ने यह भी कहा कि जब शहर में ही नेताओं के अलग-अलग गुट बने हुए हैं, तो संगठन को मजबूत करना मुश्किल है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि ‘संगठन बढ़ाओ’ से पहले ‘संगठन बचाओ’ की जरूरत है।

कुल मिलाकर, यह बैठक कांग्रेस के लिए एक अहम अवसर थी, लेकिन जिस तरह से कार्यक्रम के दौरान गुटबाजी सामने आई, उसने पार्टी की अंदरूनी खींचतान को उजागर कर दिया। अब देखने वाली बात होगी कि पार्टी नेतृत्व इन मतभेदों को कैसे सुलझाता है और संगठन को एकजुट करने में कितना सफल होता है।

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