महाराष्ट्र डॉक्टर आत्महत्या मामला: सांसद के सहयोगी का करीबी गिरफ्तार, सुसाइड नोट में सांसद पर दबाव बनाने का आरोप

अक्टूबर 25, 2025 - 15:33
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महाराष्ट्र डॉक्टर आत्महत्या मामला: सांसद के सहयोगी का करीबी गिरफ्तार, सुसाइड नोट में सांसद पर दबाव बनाने का आरोप

महाराष्ट्र डॉक्टर आत्महत्या मामला: सांसद के सहयोगी का करीबी गिरफ्तार, सुसाइड नोट में सांसद पर दबाव बनाने का आरोप

सतारा, महाराष्ट्र: महाराष्ट्र के सतारा जिले के फलटण में एक महिला डॉक्टर की आत्महत्या के मामले में पुलिस ने एक प्रमुख आरोपी प्रशांत बांकर को गिरफ्तार कर लिया है। डॉक्टर ने आत्महत्या से पहले लिखे गए अपने सुसाइड नोट और अन्य बयानों में कथित तौर पर एक स्थानीय सांसद और उनके दो सहयोगियों द्वारा दबाव डाले जाने का उल्लेख किया था।

पुलिस के अनुसार, 26 वर्षीय महिला डॉक्टर फलटण उप-जिला अस्पताल में मेडिकल ऑफिसर के तौर पर कार्यरत थीं। गुरुवार रात को वह एक होटल के कमरे में मृत पाई गईं। उनके पास से एक विस्तृत सुसाइड नोट मिला है, जिसमें उन्होंने कई गंभीर आरोप लगाए हैं।

गिरफ्तार और फरार आरोपी

  • गिरफ्तार आरोपी: प्रशांत बांकर (सॉफ्टवेयर इंजीनियर), जो डॉक्टर के किराए के मकान मालिक का बेटा है। डॉक्टर ने सुसाइड नोट में प्रशांत बांकर पर पिछले पाँच महीनों से मानसिक और शारीरिक उत्पीड़न करने का आरोप लगाया है।

  • फरार मुख्य आरोपी: पुलिस सब-इंस्पेक्टर (PSI) गोपाल बदाने। डॉक्टर ने उन पर कई बार बलात्कार करने और यौन शोषण करने का आरोप लगाया है। पुलिस ने बदाने को निलंबित कर दिया है और उनकी तलाश के लिए विशेष टीमें गठित की हैं।

सुसाइड नोट में सांसद का उल्लेख

सूत्रों के अनुसार, महिला डॉक्टर ने अपने चार पन्नों के सुसाइड नोट और आंतरिक जांच समिति को दिए गए बयानों में दावा किया था कि उन पर पुलिस अधिकारियों और एक स्थानीय सांसद तथा उनके निजी सहायकों द्वारा लगातार दबाव बनाया जा रहा था।

  • दबाव का कारण: डॉक्टर ने आरोप लगाया था कि उन्हें गिरफ्तार किए गए आरोपियों की झूठी 'फिटनेस सर्टिफिकेट' जारी करने और पोस्ट-मॉर्टम रिपोर्ट में बदलाव करने के लिए मजबूर किया जा रहा था।

  • डॉक्टर के परिवारजनों ने भी पुष्टि की है कि उन पर राजनीतिक और पुलिस का भारी दबाव था।

  • यह भी सामने आया है कि एक बार सांसद ने उन्हें फोन करके एक गिरफ्तार व्यक्ति को फिटनेस सर्टिफिकेट न देने पर नाराजगी जताई थी।

राजनीतिक और सामाजिक आक्रोश

इस संवेदनशील मामले को लेकर महाराष्ट्र में राजनीतिक और सामाजिक स्तर पर तीखी प्रतिक्रिया हुई है। विपक्षी दलों के नेताओं ने सरकार पर कानून-व्यवस्था बनाए रखने में विफल रहने का आरोप लगाते हुए दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई और मामले की स्वतंत्र एसआईटी (SIT) जांच की मांग की है।

सतारा पुलिस अधीक्षक (SP) ने पुष्टि की है कि डॉक्टर की शिकायतों, जिसमें व्हाट्सएप संदेश भी शामिल हैं, के आधार पर पीएसआई गोपाल बदाने और प्रशांत बांकर के खिलाफ बलात्कार और आत्महत्या के लिए उकसाने का मामला दर्ज किया गया है। पुलिस ने कहा है कि सांसद और उनके सहयोगियों के आरोपों की भी गहनता से जांच की जा रही है।

डॉक्टर के न्याय के लिए मांग

मृतका के परिवार ने न्याय मिलने तक शांत न बैठने की बात कही है। पूरे सतारा जिले में डॉक्टर संगठनों और सामाजिक कार्यकर्ताओं ने विरोध प्रदर्शन करते हुए इस मामले की निष्पक्ष जांच और सभी दोषियों को कड़ी सजा दिए जाने की मांग की है। यह घटना महाराष्ट्र के स्वास्थ्य और पुलिस प्रशासन पर गंभीर सवाल खड़े करती है।

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