राबड़ी आवास के बाहर नेता ने फाड़ा कुर्ता, कहा— टिकट के लिए ₹2.70 करोड़ मांगे गए

अक्टूबर 19, 2025 - 14:36
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राबड़ी आवास के बाहर नेता ने फाड़ा कुर्ता, कहा— टिकट के लिए ₹2.70 करोड़ मांगे गए

राबड़ी आवास के बाहर नेता ने फाड़ा कुर्ता, कहा— टिकट के लिए ₹2.70 करोड़ मांगे गए
RJD की पहली लिस्ट जारी, 52 प्रत्याशियों के नाम शामिल; बिहार चुनाव में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान तेज

नई दिल्ली/पटना, 19 अक्टूबर — बिहार विधानसभा चुनाव के पहले चरण की वोटिंग में अब केवल 19 दिन शेष हैं, लेकिन महागठबंधन में टिकट बंटवारे को लेकर घमासान बढ़ता जा रहा है। रविवार सुबह पटना में पूर्व मुख्यमंत्री राबड़ी देवी के आवास के बाहर एक नाटकीय दृश्य देखने को मिला, जब मधुबन विधानसभा सीट से टिकट की दावेदारी कर रहे आरजेडी नेता मदन साह ने सार्वजनिक रूप से अपना कुर्ता फाड़ लिया और सड़क पर रोते-बिलखते नजर आए।

मदन साह ने मीडिया से बात करते हुए गंभीर आरोप लगाया कि आरजेडी के वरिष्ठ नेता संजय यादव ने उनसे मधुबन सीट से टिकट दिलाने के एवज में ₹2.70 करोड़ की मांग की थी। उन्होंने कहा, “मैं पार्टी के लिए वर्षों से काम कर रहा हूं, लेकिन जब टिकट की बारी आई तो मुझसे पैसे मांगे गए। मेरे पास इतनी रकम नहीं थी, इसलिए टिकट किसी और को दे दिया गया।”

इस घटना के बाद राबड़ी देवी आवास के बाहर समर्थकों की भीड़ जमा हो गई और कुछ देर के लिए अफरा-तफरी का माहौल बन गया। पार्टी नेतृत्व की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं दी गई है, लेकिन इस घटना ने आरजेडी के अंदरूनी समीकरणों और टिकट वितरण की पारदर्शिता पर सवाल खड़े कर दिए हैं।

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RJD ने जारी की पहली सूची — 52 प्रत्याशी फाइनल

इसी बीच रविवार को आरजेडी ने अपनी पहली आधिकारिक उम्मीदवार सूची जारी कर दी है। इसमें 52 नाम शामिल हैं, जिनमें से अधिकतर उम्मीदवार पहले ही नामांकन कर चुके हैं। सूची के अनुसार, आरजेडी ने सामाजिक समीकरण साधने की कोशिश की है —

  • 22 उम्मीदवार यादव समुदाय से हैं,

  • 3 मुस्लिम,

  • और 3 भूमिहार-ब्राह्मण समाज से हैं।

राघोपुर सीट से नेता प्रतिपक्ष तेजस्वी यादव मैदान में हैं, जहां उनका मुकाबला बीजेपी के सतीश यादव से होगा। उल्लेखनीय है कि सतीश यादव ने 2010 में राबड़ी देवी को इसी सीट से हराया था।

महागठबंधन में सीट शेयरिंग पर सस्पेंस जारी

पहले चरण की नामांकन वापसी की अंतिम तिथि 20 अक्टूबर है, लेकिन अब तक महागठबंधन के घटक दलों के बीच सीट शेयरिंग को लेकर कोई साझा बयान सामने नहीं आया है। कांग्रेस अब तक 53 उम्मीदवार उतार चुकी है — पहली सूची में 48 और दूसरी सूची में 5 नाम शामिल थे।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महागठबंधन में इस तरह की अनिश्चितता और असंतोष का माहौल चुनावी रणनीति को कमजोर कर सकता है, जबकि एनडीए पहले ही अपने उम्मीदवारों की घोषणा कर चुका है।

NDA में भी मुख्यमंत्री पद पर चर्चा जारी

दूसरी ओर, एनडीए में सीट बंटवारा तय हो चुका है, पर मुख्यमंत्री पद को लेकर सस्पेंस बना हुआ है। केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने बयान दिया कि “हमारे पांच दलों का गठबंधन है, और जीत के बाद विधायक दल ही अपना नेता चुनेगा।”

वहीं गृहमंत्री अमित शाह ने 17 अक्टूबर को कहा था कि “नीतीश कुमार पर न केवल भाजपा बल्कि बिहार की जनता को भी पूरा भरोसा है। एनडीए की जीत के बाद मुख्यमंत्री का फैसला विधायक दल करेगा।”

राजनीतिक तापमान चढ़ा

राबड़ी आवास के बाहर हुई यह घटना और टिकट वितरण को लेकर बढ़ता असंतोष बिहार चुनाव के राजनीतिक माहौल को और गर्म बना रहा है। जनता और कार्यकर्ताओं के बीच यह सवाल गूंज रहा है कि क्या टिकट का फैसला योग्यता पर होगा या फिर आर्थिक ताकत पर? चुनावी घमासान के इस दौर में आने वाले कुछ दिन बिहार की राजनीति के लिए निर्णायक साबित हो सकते हैं।

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