सीलिंग विवाद को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन: 18 कॉलोनियों के 20–25 हजार लोग प्रभावित

मार्च 24, 2026 - 17:43
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सीलिंग विवाद को लेकर कलेक्ट्रेट पर प्रदर्शन: 18 कॉलोनियों के 20–25 हजार लोग प्रभावित

कोटा। शहर में जमीन सीलिंग से जुड़े विवाद को लेकर मंगलवार को कलेक्ट्रेट परिसर में विरोध प्रदर्शन किया गया। कांग्रेस नेता प्रहलाद गुंजल के नेतृत्व में बड़ी संख्या में प्रभावित कॉलोनियों के लोग कलेक्ट्रेट पहुंचे और प्रशासन के खिलाफ नारेबाजी करते हुए अपनी मांगों को लेकर ज्ञापन सौंपा। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि सीलिंग से जुड़े मामले में प्रशासन द्वारा असमान और विवादास्पद निर्णय लिए गए हैं, जिससे हजारों लोगों के सामने आवास और संपत्ति का संकट खड़ा हो गया है।

प्रदर्शनकारियों के अनुसार ग्राम तेघड़ा की कुल 103 बीघा भूमि में से करीब 100 बीघा जमीन को सीलिंग से मुक्त कर दिया गया है, जबकि इस जमीन पर अदालत का स्टे होने की बात कही जा रही है। वहीं दूसरी ओर आसपास की 18 कॉलोनियों पर अब भी सीलिंग की कार्रवाई लागू है। इससे इन कॉलोनियों में रहने वाले लोगों के बीच असंतोष बढ़ता जा रहा है। लोगों का कहना है कि यदि एक हिस्से को राहत दी जा सकती है तो बाकी कॉलोनियों को भी समान रूप से राहत मिलनी चाहिए।

प्रदर्शन के दौरान बताया गया कि यह भूमि पूर्व में महाराव भीम सिंह की निजी संपत्ति बताई जाती है और इस जमीन से जुड़ा मामला करीब 50 वर्षों से संबंधित एक्ट के तहत विचाराधीन है। इतने लंबे समय से मुकदमा लंबित होने के बावजूद हाल के फैसलों और प्रशासनिक कार्रवाई को लेकर कई सवाल खड़े हो रहे हैं। लोगों का कहना है कि जब तक मामला पूरी तरह से स्पष्ट नहीं हो जाता, तब तक किसी भी प्रकार की आंशिक राहत या कार्रवाई से विवाद और बढ़ सकता है।

प्रदर्शनकारियों ने यह भी आरोप लगाया कि अदालत द्वारा 13 फरवरी 2026 को आदेश जारी किए जाने के बावजूद संबंधित क्षेत्र में निर्माण कार्य तेजी से जारी है। उनका कहना है कि यह स्थिति अदालत के आदेशों और कानूनी प्रक्रिया की अनदेखी को दर्शाती है। इसके साथ ही कॉलोनाइजर पर बिना किसी स्वीकृति के सीवरेज लाइन डालने और क्षेत्र में पेड़ों की कटाई करने के आरोप भी लगाए गए हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस प्रकार के कार्य नियमों और पर्यावरणीय प्रावधानों का उल्लंघन हैं और इस पर तत्काल कार्रवाई की जानी चाहिए।

इस पूरे मामले से करीब 18 कॉलोनियों के लगभग 20 से 25 हजार लोग प्रभावित बताए जा रहे हैं। इन कॉलोनियों में रहने वाले परिवारों को अपने मकानों और जमीन के भविष्य को लेकर चिंता बनी हुई है। प्रदर्शन में शामिल लोगों ने प्रशासन से मांग की कि पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराई जाए और सभी प्रभावित कॉलोनियों के साथ समान व्यवहार किया जाए।

प्रदर्शन के दौरान एक अहम कानूनी सवाल भी उठाया गया कि क्या जिला कलेक्टर अपने प्रशासनिक आदेश के जरिए ऐसे भूखंडों को सीलिंग से मुक्त कर सकते हैं, जिनसे संबंधित मामला अभी अदालत में विचाराधीन है। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस विषय पर प्रशासन को स्पष्ट स्थिति बतानी चाहिए, ताकि लोगों के बीच फैली असमंजस की स्थिति खत्म हो सके।

प्रदर्शन के अंत में प्रतिनिधिमंडल ने प्रशासन को ज्ञापन सौंपकर पूरे मामले की उच्च स्तरीय जांच कराने, अवैध निर्माण और नियम उल्लंघन पर कार्रवाई करने तथा सभी कॉलोनियों के साथ न्यायसंगत व्यवहार सुनिश्चित करने की मांग की।

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