अमरनाथ यात्रा कल से शुरू

जुलाई 2, 2025 - 14:44
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अमरनाथ यात्रा कल से शुरू

अमरनाथ यात्रा कल से शुरू, जानिए रजिस्ट्रेशन, ठहरने की व्यवस्था और अनुमानित खर्च, पहलगाम अटैक के बाद कितनी सुरक्षित है राह

जम्मू, 2 जुलाई 2025: बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए बहुप्रतीक्षित अमरनाथ यात्रा कल, 3 जुलाई से शुरू होने जा रही है। यह यात्रा 38 दिनों तक चलेगी और 9 अगस्त 2025 को समाप्त होगी। पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद सुरक्षा व्यवस्था को और भी चाक-चौबंद किया गया है, ताकि श्रद्धालुओं की यात्रा सुरक्षित और सुगम हो सके।

कैसे करें रजिस्ट्रेशन?

What makes the Amarnath trek one of the toughest pilgrimages in India

अमरनाथ यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन अनिवार्य है। आप ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीकों से रजिस्ट्रेशन करा सकते हैं:

  • ऑनलाइन रजिस्ट्रेशन:

    • श्री अमरनाथजी श्राइन बोर्ड (SASB) की आधिकारिक वेबसाइट jksasb.nic.in पर जाएं।

    • "Online Services" सेक्शन में "Yatra Permit Registration" पर क्लिक करें।

    • फॉर्म में अपनी यात्रा का मार्ग (पहलगाम या बालटाल), तारीख, व्यक्तिगत जानकारी और मेडिकल जानकारी भरें।

    • अपनी पासपोर्ट साइज फोटो, पहचान पत्र (आधार कार्ड, पैन कार्ड, वोटर आईडी, ड्राइविंग लाइसेंस में से कोई एक) और अधिकृत डॉक्टर द्वारा जारी मेडिकल सर्टिफिकेट की स्कैन की हुई कॉपी अपलोड करें।

    • रजिस्ट्रेशन शुल्क (₹150 प्रति व्यक्ति) का ऑनलाइन भुगतान करें।

    • रजिस्टर्ड मोबाइल नंबर पर प्राप्त OTP से सत्यापन करें और रजिस्ट्रेशन फॉर्म डाउनलोड कर लें।

  • ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन:

    • SASB द्वारा अधिकृत बैंक शाखाओं पर जाकर भी ऑफलाइन रजिस्ट्रेशन कराया जा सकता है। इसके लिए भी ऊपर बताए गए दस्तावेजों की आवश्यकता होगी।

ध्यान दें: एक दिन में केवल 15,000 श्रद्धालुओं को ही यात्रा की अनुमति दी जाती है। 14 अप्रैल 2025 से रजिस्ट्रेशन शुरू हो चुके हैं।

कहां ठहरें और क्या है व्यवस्था?

यात्रियों के ठहरने के लिए कई विकल्प उपलब्ध हैं:

  • जम्मू में: आप जम्मू में होटल, गेस्ट हाउस और सरकारी बेस कैंप में रुक सकते हैं। जम्मू में भगवती नगर, वैष्णवी धाम और जम्मू रेलवे स्टेशन के पास बेस कैंप हैं।

  • पहलगाम और बालटाल बेस कैंप में: श्राइन बोर्ड द्वारा लगाए गए टेंट में रुकने की व्यवस्था होती है, जिनका किराया ₹500 से शुरू होता है।

  • मार्ग पर: यात्रा मार्ग पर भी यात्रियों के लिए टेंट और लंगरों की व्यवस्था होती है। कई जगहों पर निःशुल्क लंगर (भोजन) की व्यवस्था भी होती है।

  • ऑक्सीजन बूथ: ऊंचाई पर होने वाली ऑक्सीजन की कमी को देखते हुए दोनों मार्गों पर कुल 26 ऑक्सीजन बूथ स्थापित किए गए हैं (बालटाल मार्ग पर 16 और पहलगाम मार्ग पर 10)।

कितना आएगा खर्च?

अमरनाथ यात्रा का कुल खर्च आपकी यात्रा के तरीके और रहने के विकल्पों पर निर्भर करता है।

  • रजिस्ट्रेशन शुल्क: ₹150 प्रति व्यक्ति।

  • जम्मू/श्रीनगर तक का किराया: यह आपके शहर से दूरी पर निर्भर करेगा।

  • हेलीकॉप्टर सेवा: जो यात्री पैदल यात्रा नहीं करना चाहते, वे हेलीकॉप्टर सेवा का लाभ उठा सकते हैं।

    • बालटाल से गुफा तक का दोनों तरफ का किराया लगभग ₹6500 प्रति व्यक्ति है।

    • पहलगाम से गुफा तक का दोनों तरफ का किराया लगभग ₹9800 प्रति व्यक्ति है।

  • पोनी/पालकी: यदि आप पैदल यात्रा नहीं कर सकते, तो गुफा तक पहुंचने के लिए पोनी या पालकी का विकल्प चुन सकते हैं, जिस पर ₹2000 से ₹5000 अतिरिक्त खर्च हो सकता है।

  • रहना और खाना: यात्रा मार्ग पर कई लंगर निःशुल्क भोजन प्रदान करते हैं। टेंट का किराया ₹500 से शुरू होता है।

  • अनुमानित कुल खर्च: दिल्ली जैसे बड़े शहरों से आने वाले यात्रियों का कुल खर्च (यात्रा और कुछ बुनियादी खर्चों सहित) लगभग ₹5000 से ₹6000 तक आ सकता है यदि वे हेलीकॉप्टर या पोनी/पालकी का उपयोग नहीं करते हैं।

पहलगाम अटैक के बाद कितनी सुरक्षित है राह?

पहलगाम में हाल ही में हुए आतंकी हमले के बाद अमरनाथ यात्रा की सुरक्षा व्यवस्था को अभूतपूर्व रूप से बढ़ा दिया गया है। प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियां यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए युद्ध स्तर पर तैयारियां कर रही हैं:

  • मजबूत सुरक्षा घेरा: यात्रा मार्गों पर चप्पे-चप्पे पर सेना, CRPF, ITBP और जम्मू-कश्मीर पुलिस के जवान तैनात किए गए हैं।

  • तकनीकी निगरानी: पूरे यात्रा मार्ग पर ड्रोन, सीसीटीवी कैमरे, जैमर और फेस रिकॉग्निशन सिस्टम (FRS) लगाए गए हैं, जिससे संदिग्ध गतिविधियों पर नजर रखी जा सके।

  • एंटी-ड्रोन सिस्टम: अनधिकृत हवाई खतरों से निपटने के लिए एंटी-ड्रोन तकनीक भी तैनात की गई है।

  • त्वरित प्रतिक्रिया टीमें (QRTs): त्वरित प्रतिक्रिया टीमें, बम डिस्पोजल स्क्वॉड और सैटेलाइट फोन हर जगह तैनात हैं।

  • महिला कमांडो: यात्रियों की सुरक्षा के लिए विशेष रूप से महिला कमांडो को भी तैनात किया गया है।

  • RFID आधारित ट्रैकिंग: यात्रियों की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए RFID कार्ड के माध्यम से उनकी ट्रैकिंग की जाएगी।

  • मॉक ड्रिल: आपातकालीन स्थितियों से निपटने के लिए सुरक्षा बलों द्वारा लगातार मॉक ड्रिल का आयोजन किया जा रहा है।

  • कम की गई यात्रा अवधि: सुरक्षा कारणों से इस बार यात्रा की अवधि को 2 महीने से घटाकर 38 दिन कर दिया गया है।

हालांकि, पहलगाम हमले के बाद शुरुआती दौर में कुछ यात्रियों ने अपनी बुकिंग रद्द की थी, लेकिन नवीनतम रिपोर्टों के अनुसार, आस्था के आगे आतंकवाद की दहशत फीकी पड़ रही है और बड़ी संख्या में श्रद्धालु यात्रा के लिए रजिस्ट्रेशन करा रहे हैं। सुरक्षा एजेंसियों का कहना है कि यात्रियों की सुरक्षा के लिए हर संभव कदम उठाए गए हैं और यात्रा पूरी तरह सुरक्षित है।

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