काशी में मोदी का संकल्पवाद: "सिंदूर के बदले का वचन पूरा किया"
काशी में मोदी का संकल्पवाद: "सिंदूर के बदले का वचन पूरा किया"
टैरिफ वॉर के बीच बोले- अब वही खरीदेंगे-बेचेंगे, जिसे बनाने में भारतीय का पसीना बहा
वाराणसी | 2 अगस्त 2025 | संवाददाता विशेष
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी शनिवार को अपने संसदीय क्षेत्र वाराणसी (काशी) पहुंचे, जहां उन्होंने देशवासियों से 'वोकल फॉर लोकल' अभियान को नए संकल्प के साथ अपनाने की अपील की। मोदी ने अपने पुराने वचनों की याद दिलाते हुए कहा,
“सिंदूर के बदले का वचन था, जो मैंने पूरा किया है।”
प्रधानमंत्री ने यह बात एक जनसभा को संबोधित करते हुए कही, जहां वे स्थानीय उत्पादों को बढ़ावा देने, विदेशी आयात पर निर्भरता घटाने, और भारतीय मेहनतकश वर्ग को सम्मान दिलाने पर जोर दे रहे थे।
मोदी का आर्थिक राष्ट्रवाद पर फोकस
प्रधानमंत्री ने टैरिफ वॉर (आयात-निर्यात शुल्कों की लड़ाई) के संदर्भ में कहा,
“अब हिंदुस्तान का बाजार उस चीज को नहीं अपनाएगा जिसे बनाने में भारतीय का पसीना नहीं बहा। हम वही खरीदेंगे और वही बेचेंगे, जो भारत के गांव, खेत, कारखानों और गलियों से बना हो।”
मोदी ने दो टूक कहा कि स्वदेशी वस्तुओं को बढ़ावा देना सिर्फ एक विकल्प नहीं, बल्कि आर्थिक आज़ादी की दूसरी लड़ाई है।
"सिंदूर का वचन" – महिलाओं के सम्मान की बात
प्रधानमंत्री ने अपने एक पुराने भाषण की याद दिलाई, जिसमें उन्होंने महिलाओं के सम्मान और सुरक्षा को "सिंदूर के बदले वचन" बताया था।
"जब मैंने कहा था कि हर बहन के सिंदूर की रक्षा मेरा संकल्प है, तो लोग हंसे थे। लेकिन आज, हमने तीन तलाक हो या महिलाओं को सत्ता में हिस्सेदारी – हर स्तर पर बदलाव किया है।"
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