राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग विवाद

अगस्त 2, 2025 - 18:30
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राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग विवाद

यह है राहुल गांधी बनाम चुनाव आयोग विवाद की मुख्य खबर का सारांश 


राहुल गांधी का बड़ा दावा:

"भारत का इलेक्शन सिस्टम मर चुका है"

  • राहुल गांधी ने दिल्ली में आयोजित लीगल कॉन्क्लेव-2025 में चुनाव आयोग और भारत की चुनाव प्रणाली पर गंभीर सवाल उठाए।

  • कहा कि अगर 10-15 सीटों पर धांधली न होती, तो नरेंद्र मोदी प्रधानमंत्री नहीं बन पाते।

  • दावा किया कि हमारे पास ठोस सबूत हैं, जल्द ही देश के सामने रखेंगे।


राहुल गांधी के चार बड़े आरोप:

  1. 2014 से चुनाव प्रणाली पर शक था, अब ठोस सबूत मिल चुके हैं।

  2. महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनाव के बीच 1 करोड़ नए वोटर जुड़े, ज्यादातर वोट भाजपा को गए।

  3. चुनाव आयोग जैसी संस्था खत्म हो चुकी है, उसका कोई अस्तित्व नहीं बचा।

  4. मतदाता सूची पर स्कैन/कॉपी प्रोटेक्शन क्यों लगाया गया? चुनाव आयोग पारदर्शी क्यों नहीं है?


पहले के बयान:

  • 1 अगस्त: राहुल बोले – “मेरे पास 100% सबूत हैं, चुनाव आयोग भाजपा के लिए वोट चुराता है।”

  • 24 जुलाई: कहा – “कर्नाटक की एक सीट पर हजारों नए बुजुर्ग वोटर जोड़े गए, युवाओं के नाम हटाए गए।”

  • आरोप लगाया – हर सीट पर ऐसा ही फर्जीवाड़ा हो रहा है


राजनाथ सिंह का पलटवार:

  • रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह बोले –

    “अगर आपके पास सबूतों का एटम बम है, तो फोड़ दीजिए। लेकिन इतना ध्यान रखिए कि आप सुरक्षित रहें।”

  • उन्होंने राहुल के आरोपों को राजनीतिक स्टंट बताया।


चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया:

  • राहुल के आरोपों को निराधार और गैरजिम्मेदाराना बताया।

  • चुनाव अधिकारियों से कहा –

    “किसी दबाव में न आएं, निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से काम जारी रखें।”


बिहार वोटर लिस्ट विवाद:

  • बिहार में वोटर लिस्ट से 65 लाख नाम हटे:

    • 22 लाख मौतों के कारण,

    • 36 लाख स्थानांतरित,

    • 7 लाख नए स्थानों पर स्थायी रूप से बस चुके लोग।

  • यह नाम SIR (Special Intensive Revision) के तहत हटाए गए।

  • कुल मतदाता अब घटकर 7.24 करोड़ रह गए हैं, पहले थे 7.89 करोड़


SIR विशेष अभियान:

  • 24 जून से 25 जुलाई 2025 तक चला।

  • 99.8% कवरेज हासिल की गई।

  • लक्ष्य: फर्जी और दोहराए गए वोटर हटाना, योग्य नए जोड़ना।


निष्कर्ष:

  • राहुल गांधी ने चुनाव प्रणाली को लेकर गंभीर सवाल उठाए और सबूतों का वादा किया है।

  • सरकार और चुनाव आयोग ने उनके आरोपों को खारिज कर राजनीतिक नौटंकी बताया है।

  • बिहार की वोटर लिस्ट में बड़े पैमाने पर बदलाव विपक्ष के शक को और हवा दे रहे हैं।

  • अब सबकी निगाहें राहुल गांधी द्वारा प्रकाशित किए जाने वाले तथाकथित "सबूतों" पर टिकी हैं।

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