कोटा में रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी पैनिक बुकिंग, हॉस्टल मैस में लकड़ी-कोयले की भट्टियों पर बन रहा खाना
कोटा में रसोई गैस की किल्लत से बढ़ी पैनिक बुकिंग, हॉस्टल मैस में लकड़ी-कोयले की भट्टियों पर बन रहा खाना
कोटा। कोटा शहर में रसोई गैस की सप्लाई प्रभावित होने के कारण हालात धीरे-धीरे बिगड़ते नजर आ रहे हैं। शहर में बड़ी संख्या में कोचिंग स्टूडेंट्स हॉस्टल और पीजी में रहते हैं और उनके खाने की व्यवस्था ज्यादातर हॉस्टल मैस या आसपास के भोजनालयों पर निर्भर रहती है। गैस सिलेंडर की कमी के कारण अब कई हॉस्टल संचालकों और मैस संचालकों को वैकल्पिक इंतजाम करने पड़ रहे हैं। बच्चों को खाने की कमी न हो, इसके लिए कई जगहों पर डीजल भट्टी, कोयले और लकड़ियों के चूल्हों पर खाना पकाया जा रहा है।
गैस की सप्लाई प्रभावित होने का असर केवल हॉस्टलों तक ही सीमित नहीं है, बल्कि होटल, रेस्टोरेंट और ढाबों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। कई होटल और रेस्टोरेंट संचालकों ने मेन्यू में कटौती कर दी है ताकि सीमित गैस में काम चलाया जा सके। वहीं शहर और ग्रामीण इलाकों में गैस एजेंसियों के बाहर लोगों की लंबी कतारें लग रही हैं। घरेलू गैस सिलेंडर की कालाबाजारी की शिकायतें भी सामने आने लगी हैं, जिससे आम लोगों की परेशानी और बढ़ गई है।
गोबरिया बावड़ी इंडस्ट्रियल एरिया स्थित भारत गैस एजेंसी पर भी सुबह से लोगों की भीड़ देखी गई। कई लोग गैस सिलेंडर लेने के लिए लाइन में खड़े नजर आए। नयागांव से आए दीपक ने बताया कि उनके घर का गैस सिलेंडर खत्म हो गया था। उन्होंने पहले ही सिलेंडर बुक करवा रखा था, लेकिन डिलीवरी नहीं हुई। ऐसे में उन्हें खुद एजेंसी पर आकर सिलेंडर लेना पड़ा। उन्होंने बताया कि लगभग आधे घंटे इंतजार करने के बाद उनका नंबर आया और उन्हें सिलेंडर मिल गया।
हालांकि गैस एजेंसी संचालकों का कहना है कि घरेलू गैस सिलेंडर की आपूर्ति पूरी तरह बंद नहीं हुई है। कोटा एलपीजी वितरक एसोसिएशन के अध्यक्ष अरविंद गुप्ता के अनुसार पहले जिले में हर महीने करीब एक लाख घरेलू सिलेंडर और 35 से 40 हजार कॉमर्शियल सिलेंडर की आपूर्ति होती थी। उन्होंने बताया कि अंतरराष्ट्रीय हालात, खासकर ईरान और अमेरिका के बीच तनाव के कारण आपूर्ति में थोड़ी कमी आई है, लेकिन घरेलू सिलेंडर की सप्लाई अभी भी जारी है। उनके अनुसार असली समस्या पैनिक बुकिंग के कारण पैदा हुई है। लोगों को डर है कि कहीं गैस खत्म न हो जाए, इसलिए वे जरूरत से पहले ही सिलेंडर बुक करवा रहे हैं।
दूसरी ओर कॉमर्शियल गैस सिलेंडर की सप्लाई पूरी तरह प्रभावित हो गई है। इस मुद्दे को लेकर जिला प्रशासन भी सक्रिय हो गया है और कलेक्टर स्तर पर बैठक भी हो चुकी है। एलपीजी वितरक एसोसिएशन के अनुसार उम्मीद है कि जल्द ही कॉमर्शियल सिलेंडर की सप्लाई शुरू हो जाएगी। हालांकि प्रशासन ने फिलहाल एक व्यवस्था लागू करने का फैसला किया है, जिसके तहत कॉमर्शियल सिलेंडर केवल रजिस्टर्ड हॉस्टलों को ही उपलब्ध कराए जाएंगे, जहां कोचिंग स्टूडेंट्स रह रहे हैं। होटल और अन्य व्यावसायिक प्रतिष्ठानों को फिलहाल इसकी सप्लाई सीमित रहेगी।
शहर के लैंडमार्क सिटी इलाके में कई हॉस्टलों के मैस में गैस खत्म होने के बाद लकड़ी और कोयले की भट्टियों पर खाना बनाया जा रहा है। वहीं रसोई गैस की किल्लत को देखते हुए केंद्र सरकार ने केरोसिन वितरण की योजना भी लागू की है। सभी राज्यों को अतिरिक्त केरोसिन आवंटित किया गया है, जिसमें राजस्थान को 29 लाख 28 हजार लीटर केरोसिन दिया गया है।
कोटा की सुविधा गैस एजेंसी के मैनेजर वीरेंद्र ने बताया कि एजेंसी पर रोजाना एक-दो गैस से भरी गाड़ियां पहुंच रही हैं और जरूरतमंद लोगों को सिलेंडर दिए जा रहे हैं। उन्होंने कहा कि शुरुआत में लोगों में काफी पैनिक था, लेकिन अब धीरे-धीरे स्थिति सामान्य होती नजर आ रही है।
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