गुजरात के आणंद में पुल टूटा
गुजरात के आणंद में पुल टूटा, कई वाहन नदी में गिरे, 13 की मौत
| आठ लोगों को स्थानीय लोगों ने बचाया, दो लापता, लगभग 45 साल पुराना है मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ने वाला महिसागर नदी पर बना पुल
केन्द्र और राज्य सरकारों ने मुआवजा देने की घोषणा की
वडोदरा (एजेंसी)।
राज्य में मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ने वाली महिसागर नदी पर बना पुल के अचानक ढहने से कई वाहन नदी में गिरने 13 लोगों की मौत हो गई है। जबकि आठ लोगों को बचा लिया गया जबकि दो लोग लापता है। घटना पर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने शोक जताया और प्रधानमंत्री राहत कोष से मृतकों के परिजनों को दो-दो लाख रुपये और घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने का ऐलान
किया। मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने भी राज्य सरकार की ओर से भी मृतकों के परिवारों को चार-चार लाख और
घायलों को 50-50 हजार रुपये का मुआवजा देने की घोषणा की है।
मध्य गुजरात को सौराष्ट्र से जोड़ने वाली महिसागर नदी पर बना पुल लगभग 45 साल पुराना है। बुधवार सुबह यातायात के दौरान दो ट्रक, पिकअप व एक रिक्शा महिसागर नदी में गिर गए। पुल के टूटने और कई वाहनों के गिरने से मौके पर हाहाकर मच गया। घटना की जानकारी होने पर मुजपुर समेत आसपास के गांवों के लोगों की भीड़ मौके पर जमा हो गई। मुजपुर गांव के ग्रामीण बचाव कार्य के लिए जुट गए और नदी में फंसे व
बहते लोगों को कई लोगों को बचाया। इस हादसे में अभी तक 13 लोगों की मौत की पुष्टि हुई है, जबकि 8 से ज्यादा लोगों को बचा लिया गया। घटना की जानकारी मिलने पर पादरा पुलिस भी मौके पर पहुंची गई और शवों को निकाला। सुसाइड पॉइंट के
रूप में बदनाम इस पुल के ढहने से आणंद, वडोदरा, भरूच व अंकलेश्वर का संपर्क टूट गया है।
प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने एक्स पर एक पोस्ट कर गुजरात के वडोदरा में पुल के ढहने से हुई जान-माल की हानि पर गहरा दुख व्यक्त किया है
।

उन्होंने दुर्घटना में घायल हुए लोगों के शीघ्र स्वस्थ होने की भी कामना की है। उन्होंने प्रधानमंत्री राष्ट्रीय राहत कोष से मृतकों के परिवारों को 2-2 लाख रुपये तथा घायलों को 50-50 हजार रुपये की सहायता देने की घोषणा की है । प्रधानमंत्री ने अपनी विदेश यात्रा
के दौरान टेलीफोन पर बातचीत कर त्रासदी की जानकारी प्राप्त की।
पुल हादसे पर मुख्यमंत्री भूपेन्द्र पटेल ने एक्स पर पोस्ट कर लिखा, आनंद व वडोदरा को जोड़ने वाला गंभीरा पुल के एक हिस्से के ढह जाने से हुई जनहानि अत्यंत दुखद है। राज्य सरकार इस त्रासदी से प्रभावित हर परिवार के साथ गहरी संवेदना के साथ
खड़ी है। मुख्यमंत्री ने राज्य सरकार की ओर से दुर्घटना में जान गंवाने वाले हर व्यक्ति के परिजन को चार लाख की सहायता देने का ऐलान किया। साथ दुर्घटना में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 50 हजार रुपये की सहायता देने के साथ सभी को चिकित्सा उपलब्ध कराने की बात कही।
आनंद जिले के अतिरिक्त जिला मजिस्ट्रेट ऋतुराज देसाई ने बताया कि गंभीरा पुल के पुनः खुलने तक सभी प्रकार के वाहनों की आवाजाही पर प्रतिबंध लगा दिया है। इस संबंध में अधिसूचना जारी कर दी गई है। उन्होंने बताया गंभीरा पुल पर आने- जाने वाले सभी प्रकार के वाहनों को वैकल्पिक मार्गों से निकाला जा रहा है। पथ निर्माण विभाग के कार्यपालक अभियंता एनएम नायकवाला ने बताया कि गंभीरा पुल वर्ष 1985 में बना था और इसकी आयु 100 वर्ष है। पिछले साल जैसा मिला था वैसा ही काम किया। इस साल भी गड्ढों को भर दिया गया। पुल जर्जर नहीं है, रिपोर्ट आने के बाद कारणों का पता चलेगा।
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