अवैध खनन पर सख्ती: अरावली में तत्काल बंदी के आदेश

फ़रवरी 25, 2026 - 16:18
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अवैध खनन पर सख्ती: अरावली में तत्काल बंदी के आदेश

अवैध खनन पर सख्ती: अरावली में तत्काल बंदी के आदेश

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राजस्थान में अवैध खनन के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए राज्य सरकार ने अरावली पर्वतमाला में चल रहे गैरकानूनी खनन कार्यों को तत्काल प्रभाव से बंद करने के आदेश जारी किए हैं। यह कदम सुप्रीम कोर्ट में होने वाली एक महत्वपूर्ण सुनवाई से ठीक पहले उठाया गया है। कार्रवाई का केंद्र विशेष रूप से Sikar जिला है, जहां लंबे समय से अवैध खनन की शिकायतें सामने आती रही हैं।

राज्य प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि पर्यावरण संरक्षण और न्यायालय के निर्देशों के पालन को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जाएगी। अधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि वे अवैध खनन स्थलों की पहचान कर तुरंत सीलिंग और मशीनरी जब्त करने की प्रक्रिया शुरू करें। साथ ही संबंधित खनन माफिया और ट्रांसपोर्ट नेटवर्क के खिलाफ कड़ी कानूनी कार्रवाई भी की जाएगी।

अरावली पर्वतमाला देश की सबसे प्राचीन पर्वत श्रृंखलाओं में से एक मानी जाती है और यह क्षेत्र पर्यावरणीय दृष्टि से अत्यंत संवेदनशील है। विशेषज्ञों का कहना है कि अवैध खनन से न केवल पहाड़ियों का क्षरण हो रहा है, बल्कि भूजल स्तर, वन्यजीव और स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र पर भी गंभीर असर पड़ रहा है। धूल प्रदूषण और भूमि कटाव की समस्या भी बढ़ी है, जिससे आसपास के गांवों में स्वास्थ्य संबंधी चिंताएं सामने आई हैं।

सूत्रों के अनुसार, प्रशासन ने पुलिस और खनन विभाग की संयुक्त टीमें गठित की हैं, जो चौबीसों घंटे निगरानी रखेंगी। ड्रोन सर्विलांस और उपग्रह चित्रों की मदद से भी खनन गतिविधियों पर नजर रखी जा रही है। सरकार का कहना है कि भविष्य में अवैध खनन दोबारा शुरू न हो, इसके लिए स्थायी निगरानी तंत्र विकसित किया जाएगा।

इस मुद्दे पर स्थानीय सामाजिक संगठनों और पर्यावरण कार्यकर्ताओं ने सरकार के कदम का स्वागत किया है। उनका कहना है कि वर्षों से अरावली में अनियंत्रित खनन ने प्राकृतिक संतुलन को बिगाड़ दिया है और अब सख्त कार्रवाई की आवश्यकता थी।

आगामी सुनवाई में सुप्रीम कोर्ट यह तय कर सकता है कि राज्य सरकार द्वारा उठाए गए कदम पर्याप्त हैं या नहीं। यदि अदालत और सख्त निर्देश देती है, तो खनन नीति में व्यापक बदलाव देखने को मिल सकते हैं।

फिलहाल, राज्य सरकार का दावा है कि वह न्यायालय के समक्ष ठोस कार्रवाई का विवरण पेश करेगी। आने वाले दिनों में यह स्पष्ट होगा कि यह अभियान केवल अस्थायी कदम है या फिर अरावली में अवैध खनन के खिलाफ दीर्घकालिक सख्ती की शुरुआत।

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