आयकर रिटर्न दाखिल करने की अंतिम तिथि बढ़ी, अब 16 सितंबर तक मिलेगी राहत
आयकर विभाग ने करदाताओं को बड़ी राहत देते हुए वित्तीय वर्ष 2024-25 (आकलन वर्ष 2025-26) के लिए इनकम टैक्स रिटर्न (ITR) दाखिल करने की अंतिम तिथि एक दिन बढ़ा दी है। अब करदाता 15 सितंबर की बजाय 16 सितंबर 2025 तक अपना रिटर्न दाखिल कर सकेंगे।
आयकर विभाग ने यह निर्णय ई-फाइलिंग पोर्टल पर तकनीकी गड़बड़ियों के कारण लिया है। बीते दो दिनों से बड़ी संख्या में करदाताओं को पोर्टल पर लॉगिन करने और रिटर्न अपलोड करने में दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा था। कर विशेषज्ञों और टैक्सपेयर्स ने इस समस्या की शिकायत करते हुए समय सीमा बढ़ाने की मांग की थी।
विभाग का बयान
आयकर विभाग की ओर से जारी बयान में कहा गया है कि करदाताओं की सुविधा को देखते हुए अंतिम तिथि को एक दिन के लिए बढ़ाया गया है। विभाग ने यह भी भरोसा दिलाया कि पोर्टल की तकनीकी खामियों को दूर करने का काम तेज़ी से चल रहा है ताकि करदाताओं को बिना रुकावट सेवाएं मिल सकें।
टैक्सपेयर्स के लिए राहत
इस फैसले से लाखों करदाताओं को राहत मिलेगी, खासकर उन लोगों को जिन्होंने अंतिम दिनों में रिटर्न दाखिल करने की तैयारी की थी। आमतौर पर ITR फाइलिंग की समय सीमा नजदीक आते ही पोर्टल पर भारी दबाव बढ़ जाता है, जिससे तकनीकी समस्याएँ उत्पन्न होती हैं।
विशेषज्ञों की राय
कर विशेषज्ञों का कहना है कि अंतिम समय पर रिटर्न दाखिल करने वालों की संख्या बहुत अधिक होती है। ऐसे में सिस्टम ओवरलोड हो जाता है और करदाताओं को परेशानी झेलनी पड़ती है। हालांकि, उनका यह भी सुझाव है कि करदाताओं को हमेशा अंतिम समय का इंतजार नहीं करना चाहिए, बल्कि पहले ही रिटर्न दाखिल कर देना चाहिए ताकि ऐसी दिक्कतों से बचा जा सके।
क्या होगा आगे?
अगर कोई करदाता 16 सितंबर तक भी अपना रिटर्न दाखिल नहीं कर पाता है तो उसे लेट फीस और जुर्माने का सामना करना पड़ सकता है। आयकर अधिनियम के अनुसार, तय तिथि के बाद ITR दाखिल करने पर 5,000 रुपये तक का जुर्माना लग सकता है। इसलिए विशेषज्ञों ने सभी करदाताओं से अपील की है कि वे अंतिम समय से पहले ही प्रक्रिया पूरी कर लें।
इस प्रकार, आयकर विभाग का यह कदम करदाताओं के लिए बड़ी राहत लेकर आया है, लेकिन साथ ही यह भी संकेत देता है कि तकनीकी अवसंरचना को और मजबूत करने की आवश्यकता है, ताकि भविष्य में इस तरह की स्थिति दोबारा न बने।
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