उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने ‘राष्ट्र की आत्मा बचाने’ की बात कही

सितम्बर 8, 2025 - 17:07
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उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने ‘राष्ट्र की आत्मा बचाने’ की बात कही

उपराष्ट्रपति चुनाव 2025: विपक्षी उम्मीदवार बी. सुदर्शन रेड्डी ने ‘राष्ट्र की आत्मा बचाने’ की बात कही

भारत में उपराष्ट्रपति चुनाव 9 सितंबर 2025 को होने वाला है, जो राष्ट्रपति जगदीप धनखड़ के स्वास्थ्य कारणों से त्याग के बाद समय पूर्व आयोजित हो रहा है  चुनाव में दो प्रमुख चेहरे हैं: देश की सत्तारूढ़ गठबंधन (एनडीए) का उम्मीदवार महाराष्ट्र के राज्यपाल सी. पी. राधाकृष्णन, और इंडिया ब्लॉक (विपक्ष) का उम्मीदवार, पूर्व सुप्रीम कोर्ट न्यायाधीश बी. सुदर्शन रेड्डी

विपक्षी उम्मीदवार की अपील: “राष्ट्र की आत्मा बचाइए”

बी. सुदर्शन रेड्डी ने सांसदों से एक भावुक अपील की है—“मुझ पर नहीं, लेकिन राष्ट्र की आत्मा पर वोट करें”। उन्होंने आग्रह किया कि सांसद अपनी पार्टी नहीं, बल्कि देश के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी को ध्यान में रखते हुए वोट करें। एक वीडियो संदेश में उन्होंने कहा कि इस चुनाव में कोई पार्टी व्हिप नहीं है और मत गोपनीय (सीक्रेट बैलट) है, जिससे सांसद स्वतंत्रता से वोट कर सकते हैं  इस चुनाव को उन्होंने लोकतंत्र के मंदिर—राज्यसभा—को जीवित रखने का माध्यम बताया 

विपक्ष की चुनौतियाँ और आलोचनाएँ

हालाँकि विपक्ष ने नैतिक आधार पर अभियान चलाया है, लेकिन उन्हें भाजपा और एनडीए से तीखी प्रतिक्रियाएँ भी मिली हैं। भाजपा ने बी. सुदर्शन रेड्डी की लालू प्रसाद यादव (भ्रष्टाचार के दोषी) से मुलाक़ात को उनकी नैतिकता पर सवाल उठाने का आधार बताया है । कई वरिष्ठ अधिवक्ताओं और बार काउंसिल के पूर्व नेताओं ने इस मुलाकात को “भारी नैतिक भूल” करार दिया है।

राजनीतिक समीकरण: एनडीए का कोटा और अन्य राज्यों की भूमिका

राजनीतिक स्तर पर, एनडीए के हाथ में अभी भी संख्या बल की स्पष्ट बढ़त है। विशेष रूप से तेलंगाना और आंध्र प्रदेश में टीडीपी और वाईएसआरसीपी ने एनडीए उम्मीदवार को समर्थन दिया है, जबकि बीजेडी और बीआरएस ने तटस्थ रहकर किसी को मतदान से दूर रहने का निर्णय लिया है। वहीं AIMIM के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने “अपने हैदराबादी” के समर्थक के रूप में सुदर्शन रेड्डी को खुला समर्थन भी दिया है 

चुनावी तालिका और प्रक्रिया

वोटिंग प्रक्रिया में लोकसभा और राज्यसभा दोनों सदनों के सदस्य शामिल हैं, जिसमें कुल 781 सांसद मतदान करेंगे और विजयी के लिए 391 वोटों की आवश्यकता होगी । मतदान और मतगणना दोनों एक ही दिन—9 सितंबर 2025 को—की जाएगी 


निष्कर्षात्मक विचार:

बी. सुदर्शन रेड्डी ने इस चुनाव को सिर्फ एक राजनीतिक लड़ाई नहीं, बल्कि लोकतंत्र और संवैधानिक मूल्यों की रक्षा का माध्यम बताया है। उन्होंने सांसदों से देश और संविधान के प्रति अपनी नैतिक जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। जबकि एनडीए का उम्मीदवार संख्या बल के आधार पर स्पष्ट बढ़त पर है, विपक्षी अभियान ने चुनाव को भावनात्मक और संस्थागत स्तर पर एक नैतिक संघर्ष के रूप में प्रस्तुत किया है। चुनाव परिणाम 9 सितंबर को ही तय होंगे, पर इसकी लड़ाई का स्वरूप पहले से ही बहुत कुछ कहता है।

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