तेजस्वी यादव का दावा- मेरा और पत्नी का नाम वोटर लिस्ट से हटा
तेजस्वी यादव का दावा- मेरा और पत्नी का नाम वोटर लिस्ट से हटा
भास्कर की जांच में खुलासा- दोनों के नाम सूची में मौजूद, क्रमशः 416 और 445 नंबर पर
पटना | 2 अगस्त 2025
राजद नेता और बिहार के पूर्व उपमुख्यमंत्री तेजस्वी यादव ने शनिवार को बड़ा दावा करते हुए कहा कि उनका और उनकी पत्नी राजश्री यादव का नाम वोटर लिस्ट से हटा दिया गया है। उन्होंने इस पर चुनाव आयोग से नाराजगी जताते हुए इसे जनमताधिकार का उल्लंघन करार दिया।
हालांकि, दैनिक भास्कर की पड़ताल में तेजस्वी का दावा झूठा या भ्रमित करने वाला साबित हुआ। भास्कर की टीम ने जब आधिकारिक वोटर लिस्ट खंगाली, तो पाया कि:
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तेजस्वी यादव का नाम वोटर लिस्ट में क्रम संख्या 416 पर दर्ज है।
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वहीं, उनकी पत्नी राजश्री का नाम उसी सूची में क्रम संख्या 445 पर मौजूद है।
दोनों के नाम पटना जिले के दानापुर विधानसभा क्षेत्र की वोटर लिस्ट में पाए गए, जहां वे आमतौर पर मतदान करते हैं।
तेजस्वी ने क्या कहा?
तेजस्वी यादव ने मीडिया से बात करते हुए कहा,
“जब मैं वोट डालने गया, तो पता चला कि मेरा नाम लिस्ट में नहीं है। मेरी पत्नी का नाम भी हटा दिया गया है। यह बहुत गंभीर मामला है। आखिर लोकतंत्र में हमें अपने मताधिकार से क्यों वंचित किया जा रहा है?”
उन्होंने चुनाव आयोग से इसकी जांच की मांग की और आरोप लगाया कि यह "राजनीतिक साजिश" हो सकती है।
भास्कर की पड़ताल में क्या मिला?
दैनिक भास्कर की टीम ने तुरंत संबंधित निर्वाचन क्षेत्र की मतदाता सूची की जांच की और पाया कि:
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नाम हटाने जैसी कोई प्रक्रिया नहीं हुई।
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मतदाता सूची में तेजस्वी यादव का नाम 416 नंबर पर स्पष्ट रूप से दर्ज है।
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राजश्री यादव का नाम भी 445 नंबर पर मौजूद है, और फोटो, उम्र, पता आदि सभी विवरण स्पष्ट हैं।
इसके बाद सवाल उठने लगे हैं कि क्या तेजस्वी को सही जानकारी नहीं दी गई, या उन्होंने राजनीतिक लाभ के लिए ऐसा बयान दिया?
चुनाव आयोग की प्रतिक्रिया
चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने नाम न छापने की शर्त पर कहा,
"वोटर लिस्ट सार्वजनिक दस्तावेज है। कोई भी अपना नाम उसमें ऑनलाइन या बूथ स्तर पर देख सकता है। अगर किसी का नाम नहीं है, तो वह फॉर्म-6 भरकर पुनः शामिल हो सकता है। लेकिन इस मामले में दोनों नाम सूची में पहले से मौजूद हैं।"
निष्कर्ष
तेजस्वी यादव द्वारा वोटर लिस्ट से नाम हटाए जाने का दावा भ्रम पर आधारित निकला। जांच में सामने आया कि वे और उनकी पत्नी दोनों ही सक्रिय मतदाता हैं।
अब देखना होगा कि तेजस्वी इस खुलासे पर क्या प्रतिक्रिया देते हैं और क्या वे अपना बयान वापस लेते हैं या चुनाव आयोग से माफ़ी मांगते हैं।
आपकी क्या प्रतिक्रिया है?