दुनिया की शक्ति व्यवस्था तेजी से बदल रही है: एस. जयशंकर

मार्च 6, 2026 - 19:33
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दुनिया की शक्ति व्यवस्था तेजी से बदल रही है: एस. जयशंकर

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दुनिया की शक्ति व्यवस्था तेजी से बदल रही है: एस. जयशंकर

भारत के विदेश मंत्री S. Jaishankar ने कहा है कि वर्तमान समय में दुनिया की शक्ति व्यवस्था तेजी से बदल रही है और वैश्विक राजनीति एक नए दौर में प्रवेश कर रही है। उन्होंने कहा कि अंतरराष्ट्रीय संबंधों में अब पारंपरिक शक्ति संतुलन के बजाय बहुध्रुवीय व्यवस्था (Multipolar World) उभर रही है, जिसमें कई देश वैश्विक निर्णयों में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं।

एक अंतरराष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान अपने संबोधन में जयशंकर ने कहा कि पिछले कुछ वर्षों में वैश्विक राजनीति, अर्थव्यवस्था और तकनीक के क्षेत्र में बड़े बदलाव देखने को मिले हैं। उनके अनुसार आज दुनिया केवल कुछ बड़े देशों तक सीमित नहीं रह गई है, बल्कि कई उभरती अर्थव्यवस्थाएं और क्षेत्रीय शक्तियां भी वैश्विक निर्णयों को प्रभावित कर रही हैं।

उन्होंने यह भी कहा कि नई वैश्विक व्यवस्था में सहयोग, रणनीतिक साझेदारी और क्षेत्रीय संतुलन पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो गए हैं। कई देश अपनी विदेश नीति को नए वैश्विक हालात के अनुसार ढाल रहे हैं ताकि वे बदलते अंतरराष्ट्रीय माहौल में अपने हितों की रक्षा कर सकें।

जयशंकर के अनुसार तकनीक, अर्थव्यवस्था और सुरक्षा अब एक-दूसरे से गहराई से जुड़ गए हैं। आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस, डिजिटल अर्थव्यवस्था, ऊर्जा सुरक्षा और सप्लाई चेन जैसे मुद्दे अंतरराष्ट्रीय राजनीति के महत्वपूर्ण विषय बन चुके हैं। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में सहयोग और प्रतिस्पर्धा दोनों ही एक साथ देखने को मिल रहे हैं।

विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि भारत बदलती वैश्विक व्यवस्था में सक्रिय और जिम्मेदार भूमिका निभाना चाहता है। उन्होंने बताया कि भारत विभिन्न अंतरराष्ट्रीय मंचों और साझेदारियों के माध्यम से वैश्विक सहयोग को मजबूत करने की दिशा में काम कर रहा है।

विशेषज्ञों का मानना है कि जयशंकर का यह बयान वर्तमान वैश्विक परिस्थितियों को दर्शाता है। हाल के वर्षों में कई अंतरराष्ट्रीय घटनाओं—जैसे क्षेत्रीय संघर्ष, आर्थिक प्रतिस्पर्धा और तकनीकी दौड़—ने वैश्विक शक्ति संतुलन को प्रभावित किया है। इसके कारण कई देशों की विदेश नीतियों में भी बदलाव देखने को मिल रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों के अनुसार आने वाले वर्षों में दुनिया की शक्ति संरचना और अधिक जटिल हो सकती है। नई आर्थिक शक्तियों का उदय, तकनीकी विकास और क्षेत्रीय गठबंधन अंतरराष्ट्रीय राजनीति की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।

फिलहाल यह स्पष्ट है कि वैश्विक व्यवस्था एक संक्रमण काल से गुजर रही है। ऐसे में कई देश अपने रणनीतिक हितों को सुरक्षित रखने और वैश्विक मंच पर प्रभाव बढ़ाने के लिए नई नीतियां और साझेदारियां विकसित कर रहे हैं। 

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