कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास: पीएम मोदी बोले—कोटा शिक्षा के साथ ऊर्जा का भी बड़ा केंद्र
कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास: पीएम मोदी बोले—कोटा शिक्षा के साथ ऊर्जा का भी बड़ा केंद्र
राजस्थान के कोटा जिले में शुक्रवार को हाड़ौती क्षेत्र के लिए एक बड़ी विकास परियोजना की शुरुआत हुई। कोटा के शंभूपुरा इलाके में प्रस्तावित कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का शिलान्यास किया गया। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री Narendra Modi का वीडियो संदेश सुनाया गया, जबकि समारोह में मुख्यमंत्री Bhajan Lal Sharma, लोकसभा स्पीकर Om Birla और केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री Kinjarapu Ram Mohan Naidu सहित कई मंत्री और जनप्रतिनिधि मौजूद रहे।
इस परियोजना को हाड़ौती क्षेत्र—कोटा, बूंदी, बारां और झालावाड़—के विकास के लिए एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में स्थानीय लोग, महिलाएं और युवा भी शामिल हुए।
पीएम मोदी का संदेश: हाड़ौती क्षेत्र के लिए नई उपलब्धि
अपने वीडियो संदेश में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि यह दिन हाड़ौती क्षेत्र के लिए नई आशा और एक बड़ी उपलब्धि का दिन है। उन्होंने कहा कि कोटा देश में शिक्षा के प्रमुख केंद्रों में से एक है और अब यह ऊर्जा उत्पादन के क्षेत्र में भी बड़ी भूमिका निभा रहा है।
प्रधानमंत्री ने कहा कि पिछले सप्ताह उन्हें राजस्थान आने का अवसर मिला था, जहां अजमेर से हजारों करोड़ रुपये की विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास किया गया। उन्होंने कहा कि एक ही सप्ताह में राजस्थान में दो बड़े विकास कार्यक्रम होना इस बात का संकेत है कि राज्य तेजी से विकास की दिशा में आगे बढ़ रहा है।
मोदी ने कोटा की पहचान का जिक्र करते हुए कहा कि यह शहर शिक्षा, ऊर्जा उत्पादन और उद्योग के क्षेत्र में महत्वपूर्ण स्थान रखता है। उन्होंने कोटा की प्रसिद्ध कोटा कचोरी, कोटा डोरिया साड़ी, कोटा स्टोन और आसपास के धार्मिक स्थलों का भी उल्लेख किया।
1507 करोड़ रुपये की लागत से बनेगा एयरपोर्ट
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट का निर्माण लगभग 1507 करोड़ रुपये की लागत से किया जाएगा। यह एयरपोर्ट आधुनिक सुविधाओं से लैस होगा और क्षेत्र के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।
परियोजना के तहत:
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लगभग 20,000 वर्गमीटर क्षेत्रफल में टर्मिनल भवन बनाया जाएगा।
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3200 मीटर लंबा और 45 मीटर चौड़ा रनवे तैयार किया जाएगा।
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एयरपोर्ट पर ए-321 श्रेणी के विमानों की पार्किंग के लिए 7 एप्रन बे बनाए जाएंगे।
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एयरपोर्ट की प्रारंभिक यात्री क्षमता लगभग 1000 यात्रियों की होगी।
सरकार का लक्ष्य है कि अगले दो वर्षों में इस एयरपोर्ट का निर्माण पूरा हो जाए और यहां से उड़ानें शुरू हो सकें।
सीएम भजनलाल शर्मा: कोटा की कचोरी दिल्ली तक पहुंचेगी
मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अपने संबोधन में कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी जो कहते हैं, वह करके दिखाते हैं। उन्होंने याद दिलाया कि मोदी ने 2023 में कोटा में एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था और अब वह वादा पूरा हो रहा है।
सीएम ने हल्के अंदाज में कहा कि जब कोटा में एयर कनेक्टिविटी शुरू हो जाएगी तो यहां की प्रसिद्ध गरमा-गरम कचोरी सीधे दिल्ली तक पहुंच सकेगी। उन्होंने लोकसभा स्पीकर ओम बिरला की ओर इशारा करते हुए कहा कि “अब कोटा की कचोरी बिरला जी तक भी गरमा-गरम पहुंचाई जा सकेगी।”
उन्होंने कहा कि एयरपोर्ट बनने से कोटा में उद्योग, व्यापार और पर्यटन को भी नई गति मिलेगी। भविष्य में कोटा उद्योग का बड़ा केंद्र बन सकता है।
कांग्रेस सरकार पर साधा निशाना
अपने भाषण में मुख्यमंत्री ने पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार पर भी निशाना साधा। उन्होंने कहा कि पहले पेपर लीक और भर्ती घोटालों के कारण युवाओं के सपने टूट जाते थे। लेकिन वर्तमान सरकार में एक भी पेपर लीक नहीं होने दिया गया है।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में अपनों को नौकरियां दी जाती थीं और इसी कारण कई लोग जेल में हैं। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार भ्रष्टाचार के खिलाफ सख्त कार्रवाई कर रही है और “मगरमच्छों” को भी धीरे-धीरे पकड़ा जा रहा है। चाहे वह कितना भी बड़ा क्यों न हो, कानून से बच नहीं पाएगा।
केंद्रीय मंत्री राम मोहन नायडू: दो साल में पूरी होगी कोटा की उड़ान
केंद्रीय नागरिक उड्डयन मंत्री राम मोहन नायडू ने कहा कि कोटा केवल राजस्थान का ही नहीं बल्कि पूरे भारत का महत्वपूर्ण शहर है। देशभर के लाखों छात्र यहां पढ़ाई के लिए आते हैं, इसलिए एयर कनेक्टिविटी की आवश्यकता लंबे समय से महसूस की जा रही थी।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में देश में हवाई अड्डों की संख्या तेजी से बढ़ी है।
उनके अनुसार:
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वर्ष 2014 में देश में 74 एयरपोर्ट थे।
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अब यह संख्या बढ़कर 167 से अधिक हो गई है।
उन्होंने मजाकिया अंदाज में कहा कि यदि गणना की जाए तो लगभग हर 45 दिन में एक नया एयरपोर्ट शुरू हुआ है।
मंत्री ने कहा कि अगले दो वर्षों में कोटा एयरपोर्ट पूरी तरह तैयार हो जाएगा और यहां का टर्मिनल भवन हाड़ौती क्षेत्र की सांस्कृतिक विरासत को दर्शाएगा।
ओम बिरला: कोटा के विकास के नए द्वार खुलेंगे
लोकसभा स्पीकर ओम बिरला ने कहा कि कोटा में ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट की मांग लंबे समय से की जा रही थी और इसके लिए विभिन्न सरकारों के दौरान प्रयास हुए। उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2023 में कोटा में एयरपोर्ट बनाने का वादा किया था और आज उस वादे को पूरा किया गया है।
उन्होंने कहा कि कोटा में पहले से सड़क और रेल कनेक्टिविटी मजबूत है, अब एयर कनेक्टिविटी भी जुड़ जाएगी। इससे कोटा के विकास के नए द्वार खुलेंगे।
बिरला ने बताया कि एयरपोर्ट के पास राजस्थान राज्य औद्योगिक विकास एवं निवेश निगम (RIICO) लगभग 600 हेक्टेयर भूमि विकसित करने की योजना बना रहा है, जिससे उद्योगों की स्थापना को बढ़ावा मिलेगा।
उन्होंने यह भी कहा कि आने वाले समय में कोटा आईटी और उद्योग का बड़ा हब बन सकता है।
पेयजल परियोजनाओं का भी भूमि पूजन
इस कार्यक्रम के दौरान दो महत्वपूर्ण पेयजल परियोजनाओं का भी भूमि पूजन किया गया। इनमें नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना और परवन-अकावद वृहद पेयजल परियोजना शामिल हैं।
नौनेरा वृहद पेयजल परियोजना
जल जीवन मिशन के तहत लगभग 1661.14 करोड़ रुपये की लागत से इस परियोजना को लागू किया जा रहा है। इससे:
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कोटा और बूंदी जिले के 749 गांवों और 6 कस्बों को लाभ मिलेगा।
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लगभग 1,13,287 परिवारों को घर-घर जल उपलब्ध कराया जाएगा।
परवन-अकावद पेयजल परियोजना
इस परियोजना के लिए लगभग 3523.16 करोड़ रुपये की स्वीकृति दी गई है। इसके तहत:
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बारां, कोटा और झालावाड़ के 1402 गांवों और 276 ढाणियों को लाभ मिलेगा।
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करीब 1,52,437 परिवारों को स्वच्छ पेयजल उपलब्ध कराया जाएगा।
क्षेत्र के विकास को मिलेगी नई गति
कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना को हाड़ौती क्षेत्र के लिए गेम-चेंजर माना जा रहा है। इसके शुरू होने से पर्यटन, उद्योग, शिक्षा और व्यापार सभी क्षेत्रों को नई गति मिलने की उम्मीद है।
विशेषज्ञों का मानना है कि एयरपोर्ट बनने के बाद कोटा आने-जाने में सुविधा होगी और देशभर से निवेश तथा रोजगार के अवसर भी बढ़ेंगे।
सरकार का लक्ष्य है कि आने वाले वर्षों में कोटा को शिक्षा के साथ-साथ उद्योग, आईटी और पर्यटन का भी बड़ा केंद्र बनाया जाए।
इस तरह कोटा-बूंदी ग्रीनफील्ड एयरपोर्ट परियोजना न केवल हाड़ौती क्षेत्र बल्कि पूरे राजस्थान के विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकती है।
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