नशे पर सख्त प्रहार: 4,794 करोड़ रुपये की मादक दवाएँ नष्ट, अमित शाह बोले – देश से खत्म होगा नशे का कारोबार
नई दिल्ली: केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह ने सोमवार को स्पष्ट संदेश दिया कि मोदी सरकार देश से नशे के कारोबार को जड़ से समाप्त करने के लिए प्रतिबद्ध है। शाह ने यह बात एंटी-नारकोटिक्स टास्क फोर्स प्रमुखों के द्वितीय राष्ट्रीय सम्मेलन को संबोधित करते हुए कही।
सम्मेलन के दौरान एक बड़ी कार्रवाई में 4,794 करोड़ रुपये मूल्य की जब्त मादक दवाओं को नष्ट किया गया। यह कार्रवाई देशभर में नशे के खिलाफ चल रहे विशेष अभियान की सबसे बड़ी उपलब्धियों में से एक मानी जा रही है।
गृह मंत्री का बयान
अमित शाह ने कहा कि “नशा न केवल हमारे युवाओं के भविष्य को बर्बाद करता है, बल्कि यह देश की सुरक्षा और सामाजिक ताने-बाने के लिए भी बड़ा खतरा है। मोदी सरकार ने इसे समाप्त करने के लिए जीरो टॉलरेंस की नीति अपनाई है।”
उन्होंने अधिकारियों से कहा कि मादक पदार्थों के नेटवर्क को तोड़ने के लिए राज्यों और केंद्र की एजेंसियों के बीच बेहतर तालमेल जरूरी है। साथ ही, आधुनिक तकनीक और अंतरराष्ट्रीय सहयोग का इस्तेमाल कर ड्रग्स की आपूर्ति श्रृंखला पर प्रहार किया जाना चाहिए।
पिछली कार्रवाइयाँ और उपलब्धियाँ
गृह मंत्रालय के आंकड़ों के अनुसार, पिछले कुछ वर्षों में मादक द्रव्यों की तस्करी के खिलाफ कई बड़ी कार्रवाइयाँ हुई हैं। समुद्री मार्ग से आने वाले ड्रग्स की खेप पकड़ी गई है, जबकि सीमावर्ती इलाकों में भी चौकसी बढ़ाई गई है।
अधिकारियों का कहना है कि ड्रग्स तस्करी में शामिल नेटवर्क को तोड़ने के लिए नारकोटिक्स कंट्रोल ब्यूरो (NCB), सीमा सुरक्षा बल (BSF) और राज्य पुलिस मिलकर काम कर रहे हैं।
युवाओं पर खास ध्यान
अमित शाह ने कहा कि इस लड़ाई में सिर्फ कानून-व्यवस्था की सख्ती ही नहीं बल्कि समाज की जागरूकता भी अहम है। उन्होंने युवाओं से अपील की कि वे नशे से दूर रहें और दूसरों को भी इसके खिलाफ जागरूक करें।
नष्ट किए गए ड्रग्स का विवरण
सम्मेलन में बताया गया कि नष्ट की गई मादक दवाओं में हेरोइन, चरस, गांजा, सिंथेटिक ड्रग्स और विभिन्न प्रकार की प्रतिबंधित गोलियाँ शामिल थीं। इनकी अनुमानित अंतरराष्ट्रीय बाजार में कीमत करीब 4,794 करोड़ रुपये आंकी गई है।
निष्कर्ष
इस बड़े कदम ने सरकार की उस नीति को और मजबूती दी है जिसमें यह स्पष्ट है कि भारत को "ड्रग्स-फ्री" बनाने की दिशा में कड़ा अभियान जारी रहेगा। आने वाले दिनों में राज्यों में और भी व्यापक स्तर पर मादक द्रव्यों के खिलाफ अभियान चलाया जाएगा।
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