बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के तहत Tarique Rahman
बांग्लादेश की राजनीति में एक ऐतिहासिक बदलाव के तहत Tarique Rahman ने 17 फरवरी 2026 को प्रधानमंत्री पद की शपथ ली। उनकी पार्टी Bangladesh Nationalist Party (बीएनपी) ने 2024 के छात्र आंदोलन के बाद हुए पहले आम चुनाव में निर्णायक जीत हासिल की। इसी छात्र आंदोलन के कारण पूर्व प्रधानमंत्री Sheikh Hasina को सत्ता से हटना पड़ा था। ताज़ा जनादेश को बांग्लादेश की राजनीति में नई दिशा और नई प्राथमिकताओं के संकेत के रूप में देखा जा रहा है।
तारिक रहमान पूर्व प्रधानमंत्री Khaleda Zia और पूर्व राष्ट्रपति Ziaur Rahman के पुत्र हैं। उनके शपथ ग्रहण के साथ ही बांग्लादेश को 35 वर्षों बाद पहला पुरुष प्रधानमंत्री मिला है। इससे पहले लंबे समय तक देश की राजनीति दो प्रमुख महिला नेताओं के इर्द-गिर्द घूमती रही, जिसे अक्सर “बैटल ऑफ बेगम्स” के नाम से जाना जाता था। राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि यह परिवर्तन न केवल नेतृत्व में बदलाव है, बल्कि नीति और कूटनीति में भी नए दृष्टिकोण का संकेत देता है।
भारत ने नई सरकार के गठन पर तुरंत कूटनीतिक पहल दिखाई। प्रधानमंत्री Narendra Modi ने तारिक रहमान को व्यक्तिगत पत्र भेजकर बधाई दी और सुरक्षा, व्यापार, कनेक्टिविटी, ऊर्जा, शिक्षा तथा स्वास्थ्य के क्षेत्रों में सहयोग बढ़ाने पर जोर दिया। उन्होंने रहमान को भारत यात्रा का निमंत्रण भी दिया। शपथ ग्रहण समारोह में लोकसभा अध्यक्ष Om Birla ने भारत का प्रतिनिधित्व किया।
इसके अतिरिक्त, भारत के विदेश सचिव Vikram Misri ने Jamaat-e-Islami के नेता Shafiqur Rahman से मुलाकात की। यह कदम महत्वपूर्ण माना जा रहा है, क्योंकि भारत परंपरागत रूप से इस दल के प्रति सतर्क रुख रखता रहा है। नई सरकार में खालिलुर रहमान को विदेश मंत्री नियुक्त किया गया है। Khalilur Rahman इससे पहले अंतरिम यूनुस प्रशासन में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार रह चुके हैं। उनकी नियुक्ति से बांग्लादेश की विदेश नीति में संतुलन और व्यावहारिकता की उम्मीद जताई जा रही है।
उधर भारत में भी राजनीतिक और प्रशासनिक गतिविधियाँ तेज़ रहीं। Jammu & Kashmir में राज्य का दर्जा बहाल करने और शासन सुधारों को लेकर चर्चा जारी है। केंद्र सरकार ने ऑनलाइन वित्तीय धोखाधड़ी के खिलाफ बड़ी कार्रवाई करते हुए कई गिरोहों का भंडाफोड़ किया है, जिससे डिजिटल सुरक्षा को मजबूत करने की दिशा में महत्वपूर्ण सफलता मिली है।
बिहार में Bihar सरकार ने महिला सशक्तिकरण को लेकर नई पहलें तेज़ की हैं। शिक्षा, स्वास्थ्य और आर्थिक अवसरों के विस्तार के माध्यम से महिलाओं की भागीदारी बढ़ाने पर विशेष जोर दिया जा रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इन पहलों से राज्य की सामाजिक-आर्थिक संरचना में सकारात्मक बदलाव आ सकता है।
कुल मिलाकर, दक्षिण एशिया की राजनीति इस समय परिवर्तन के दौर से गुजर रही है, जहाँ बांग्लादेश में नेतृत्व परिवर्तन और भारत की सक्रिय कूटनीति क्षेत्रीय स्थिरता और सहयोग की नई संभावनाओं को जन्म दे रही है।
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