भारत–बांग्लादेश के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा, दोनों देशों ने एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को किया तलब
भारत–बांग्लादेश के बीच राजनयिक तनाव बढ़ा, दोनों देशों ने एक-दूसरे के उच्चायुक्तों को किया तलब
नई दिल्ली/ढाका। भारत और बांग्लादेश के बीच राजनयिक संबंधों में एक बार फिर तनाव देखने को मिला है। बांग्लादेश में हिंदू युवक दीपू चंद्र दास की मॉब लिंचिंग और बांग्लादेशी छात्र नेता शरीफ उस्मान हादी की मौत के बाद दोनों देशों में हुए प्रदर्शनों को लेकर कूटनीतिक स्तर पर तल्खी बढ़ गई है। इसी क्रम में भारत ने मंगलवार, 23 दिसंबर 2025 को बांग्लादेश के उच्चायुक्त रियाज हमीदुल्लाह को तलब किया, जो एक सप्ताह के भीतर दूसरी बार था। वहीं, बांग्लादेश ने भी भारत के उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को पिछले दस दिनों में दूसरी बार तलब किया।
भारतीय विदेश मंत्रालय ने बांग्लादेश के उच्चायुक्त को तलब कर भारत में बांग्लादेशी दूतावासों के बाहर हुए भारत-विरोधी प्रदर्शनों और उनसे जुड़ी सुरक्षा चिंताओं पर कड़ी आपत्ति दर्ज कराई। भारत का कहना है कि कूटनीतिक मिशनों की सुरक्षा सुनिश्चित करना मेजबान देश की जिम्मेदारी होती है और इस तरह के प्रदर्शन द्विपक्षीय संबंधों को नुकसान पहुंचाते हैं।
विदेश मंत्रालय के सूत्रों के अनुसार, भारत ने बांग्लादेश से अपेक्षा जताई है कि वह ऐसे तत्वों पर सख्त कार्रवाई करे जो हिंसा और नफरत फैलाने का प्रयास कर रहे हैं। भारत ने यह भी स्पष्ट किया कि वह बांग्लादेश में अल्पसंख्यकों, विशेष रूप से हिंदू समुदाय की सुरक्षा को लेकर गंभीर रूप से चिंतित है।
दूसरी ओर, बांग्लादेश के विदेश मंत्रालय ने भी भारतीय उच्चायुक्त प्रणय वर्मा को तलब कर भारत में बांग्लादेशी दूतावासों और राजनयिक परिसरों के बाहर हुए प्रदर्शनों पर गहरी चिंता जताई। ढाका का कहना है कि भारत में हुए ये प्रदर्शन बांग्लादेश की छवि को नुकसान पहुंचाने वाले हैं और इससे दोनों देशों के बीच विश्वास प्रभावित हो सकता है।
भारत में दीपू चंद्र दास की हत्या के विरोध में कई स्थानों पर प्रदर्शन किए गए। राजधानी दिल्ली में विश्व हिंदू परिषद (VHP) के कार्यकर्ताओं और पुलिस के बीच झड़प की खबर भी सामने आई। इस दौरान प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश के प्रमुख नेता मोहम्मद यूनुस का पुतला भी फूंका। प्रदर्शनकारियों ने बांग्लादेश में हिंदुओं पर हो रहे कथित हमलों को लेकर कड़ा रोष जताया।
वहीं, बांग्लादेश में भी घटनाक्रम को लेकर विरोध प्रदर्शन हुए। ढाका के नेशनल प्रेस क्लब के सामने प्रदर्शनकारियों ने दीपू चंद्र दास की हत्या को मॉब लिंचिंग बताते हुए दावा किया कि उस पर झूठा ईशनिंदा का आरोप लगाया गया था। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस वर्ष जनवरी से अब तक बांग्लादेश में 50 से अधिक गैर-मुस्लिमों की हत्या हो चुकी है, हालांकि सरकार ने इन आंकड़ों को लेकर आधिकारिक पुष्टि नहीं की है।
विशेषज्ञों का मानना है कि हालिया घटनाएं भारत–बांग्लादेश संबंधों के लिए संवेदनशील चुनौती बन सकती हैं। दोनों देशों के बीच ऐतिहासिक, सांस्कृतिक और रणनीतिक रिश्ते मजबूत रहे हैं, लेकिन अल्पसंख्यक सुरक्षा और सार्वजनिक भावनाओं से जुड़े मुद्दे बार-बार तनाव का कारण बनते रहे हैं।
कूटनीतिक हलकों में उम्मीद जताई जा रही है कि बातचीत और संयम के जरिए दोनों देश इस तनाव को कम करेंगे और द्विपक्षीय संबंधों को पटरी पर बनाए रखने का प्रयास करेंगे।
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