मानेसर में रिटायर्ड शिक्षक के साथ ऑनलाइन ठगी, ‘यूके की फेसबुक फ्रेंड’ ने उड़ाए 12 लाख रुपये

सितम्बर 10, 2025 - 17:01
 0  11
मानेसर में रिटायर्ड शिक्षक के साथ ऑनलाइन ठगी, ‘यूके की फेसबुक फ्रेंड’ ने उड़ाए 12 लाख रुपये

मानेसर में रिटायर्ड शिक्षक के साथ ऑनलाइन ठगी,

 ‘यूके की फेसबुक फ्रेंड’ ने उड़ाए 12 लाख रुपये

गुरुग्राम/मानेसर। ऑनलाइन फ्रॉड के मामलों में लगातार इज़ाफ़ा हो रहा है। ताज़ा मामला हरियाणा के मानेसर से सामने आया है, जहाँ एक रिटायर्ड सरकारी शिक्षक से करीब 12 लाख रुपये की ठगी की गई। पीड़ित शिक्षक का आरोप है कि उन्हें एक महिला ने, जो खुद को यूनाइटेड किंगडम (UK) निवासी बता रही थी, फेसबुक पर दोस्ती कर धोखे का शिकार बनाया।

फेसबुक पर हुई दोस्ती

जानकारी के मुताबिक, पीड़ित शिक्षक की फेसबुक पर एक महिला से जान-पहचान हुई। महिला ने खुद को यूके की निवासी और एक सफल व्यवसायी बताया। दोनों के बीच बातचीत शुरू हुई और धीरे-धीरे वह भरोसा जीतने लगी।

गिफ्ट और पैकेज का झांसा

महिला ने कुछ समय बाद शिक्षक को बताया कि उसने उनके लिए महंगे गिफ्ट और कीमती सामान भारत भेजा है। इसके बाद पीड़ित को कुछ लोगों ने फोन कर खुद को कस्टम अधिकारी और कुरियर एजेंसी का कर्मचारी बताया। उन्होंने कहा कि पैकेज छुड़वाने के लिए कस्टम ड्यूटी और अन्य टैक्स के रूप में बड़ी रकम जमा करनी होगी।

12 लाख रुपये की ठगी

महिला और कथित अधिकारियों की बातों पर भरोसा करके शिक्षक ने अलग-अलग खातों में पैसे ट्रांसफर किए। धीरे-धीरे यह रकम करीब 12 लाख रुपये तक पहुँच गई। लेकिन पैकेज कभी नहीं पहुँचा और न ही महिला से कोई ठोस जवाब मिला। जब शिक्षक को शक हुआ तो उन्होंने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।

पुलिस जांच शुरू

गुरुग्राम पुलिस ने मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। साइबर क्राइम सेल इस मामले को देख रही है। प्रारंभिक जांच में यह सामने आया है कि ठगी के लिए फर्जी आईडी और विदेशी नंबरों का इस्तेमाल किया गया। पुलिस का मानना है कि यह काम किसी संगठित साइबर गिरोह का हो सकता है।

वरिष्ठ नागरिकों को निशाना

विशेषज्ञों का कहना है कि साइबर अपराधी अक्सर वरिष्ठ नागरिकों और सेवानिवृत्त कर्मचारियों को निशाना बनाते हैं। सोशल मीडिया पर दोस्ती और फिर गिफ्ट-पैकेज का झांसा देकर लाखों रुपये ऐंठना अब आम रणनीति बन गई है। पुलिस बार-बार लोगों को सतर्क रहने की अपील कर रही है।

पुलिस की अपील

गुरुग्राम पुलिस ने आम नागरिकों से अपील की है कि वे सोशल मीडिया पर अनजान लोगों से दोस्ती करने में सावधानी बरतें और किसी भी संदिग्ध कॉल या पैसों की मांग पर तुरंत पुलिस या साइबर सेल से संपर्क करें।

आगे की कार्रवाई

फिलहाल पुलिस बैंक खातों और लेन-देन के विवरण खंगाल रही है। साथ ही कॉल डिटेल्स और ई-मेल आईडी की जांच भी की जा रही है। उम्मीद है कि जल्द ही इस गिरोह का पर्दाफाश किया जाएगा।

आपकी क्या प्रतिक्रिया है?

like

dislike

love

funny

angry

sad

wow