कोटा अनंत चतुर्दशी महोत्सव 2026: आज निकलेगी विराट शोभायात्रा, कलरी और 200 झांकियां रहेंगी आकर्षण
कोटा अनंत चतुर्दशी महोत्सव 2026: आज निकलेगी विराट शोभायात्रा, कलरी और 200 झांकियां रहेंगी आकर्षण
कोटा, 25 सितंबर 2026। शिक्षा नगरी कोटा आज भक्ति, संस्कृति, शौर्य और उत्साह के रंग में रंगी नजर आएगी। अनंत चतुर्दशी महोत्सव 2026 के अवसर पर शहर में भगवान गणेश की विराट शोभायात्रा निकाली जाएगी। गणेश उत्सव के समापन के मौके पर निकलने वाली यह शोभायात्रा कोटा की प्रमुख धार्मिक और सांस्कृतिक परंपराओं में शामिल है। इस बार भी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की उम्मीद है। केंद्रीय आकर्षण भगवान गणेश की झांकियां, अखाड़ों के प्रदर्शन, भजन मंडलियां और पारंपरिक सांस्कृतिक कार्यक्रम रहेंगे।
कोटा में अनंत चतुर्दशी पर होने वाला आयोजन लंबे समय से शहर की पहचान का हिस्सा रहा है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के उत्सव पोर्टल के अनुसार भी कोटा की अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा में बड़ी संख्या में अखाड़ेबाज पारंपरिक और रोमांचक करतब प्रस्तुत करते हैं तथा बड़ी संख्या में श्रद्धालु इसमें शामिल होते हैं।
सूरजपोल गेट से शुरू होगी विराट शोभायात्रा
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर निकलने वाली मुख्य शोभायात्रा सूरजपोल गेट से शुरू होगी। इसके बाद यह शहर के प्रमुख बाजारों और मार्गों से होकर आगे बढ़ेगी। शोभायात्रा के मार्ग में श्रद्धालुओं और दर्शकों की बड़ी भीड़ जुटने की संभावना है।
शोभायात्रा में भगवान गणेश की आकर्षक झांकियों के साथ विभिन्न सामाजिक, धार्मिक और सांस्कृतिक विषयों को प्रदर्शित करने वाली झांकियां भी शामिल होंगी। मार्ग में जगह-जगह स्वागत की तैयारियां की गई हैं। आयोजन से जुड़े लोगों के अनुसार शहर की विभिन्न स्वागत समितियां शोभायात्रा का स्वागत करेंगी।
कोटा की इस परंपरा में शोभायात्रा केवल गणेश प्रतिमाओं के विसर्जन तक सीमित नहीं रहती, बल्कि इसमें शहर की सांस्कृतिक विविधता, पारंपरिक कला और अखाड़ों की शौर्य परंपरा भी देखने को मिलती है।
करीब 90 अखाड़े होंगे शामिल
इस वर्ष शोभायात्रा में करीब 90 अखाड़ों के शामिल होने की जानकारी सामने आई है। इसके अलावा लगभग 200 झांकियां और अखाड़े शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगे। अखाड़ों में शामिल कलाकार और प्रतिभागी पारंपरिक युद्ध कौशल तथा विभिन्न प्रकार के शारीरिक करतब प्रस्तुत करेंगे।
अखाड़ों के प्रदर्शन अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा का प्रमुख आकर्षण होते हैं। पारंपरिक मलखंभ और अन्य शारीरिक कौशल के प्रदर्शन के साथ कलाकार दर्शकों को रोमांचित करते हैं। कोटा की अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा में अखाड़ों की यह परंपरा वर्षों से चली आ रही है। पर्यटन मंत्रालय के अनुसार पूर्व के आयोजनों में भी बड़ी संख्या में अखाड़ेबाजों ने मलखंभ सहित विभिन्न करतब प्रस्तुत किए हैं।
पहली बार विशेष आकर्षण बनेगा केरल का ‘कलरी’
इस बार शोभायात्रा में केरल का पारंपरिक युद्ध कौशल ‘कलरी’ विशेष आकर्षण का केंद्र रहेगा। कलरी को भारत की प्राचीन मार्शल आर्ट परंपराओं में गिना जाता है। इसमें शारीरिक संतुलन, गति, अनुशासन और युद्ध कौशल से जुड़े विभिन्न प्रदर्शन किए जाते हैं।
कोटा की अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा में कलरी की प्रस्तुति शामिल किए जाने से आयोजन में देश की अलग-अलग सांस्कृतिक और पारंपरिक कलाओं की झलक देखने को मिलेगी। आयोजन समिति से जुड़ी जानकारी के अनुसार इस प्रस्तुति को शोभायात्रा के प्रमुख आकर्षणों में शामिल किया गया है।
कलरी के साथ अखाड़ों के पारंपरिक प्रदर्शन दर्शकों के लिए विशेष अनुभव हो सकते हैं। आयोजन में शौर्य और संस्कृति के इन अलग-अलग रूपों को एक मंच पर देखने का अवसर मिलेगा।
भजन और डांडिया मंडलियां भी रहेंगी शामिल
शोभायात्रा में केवल अखाड़े और झांकियां ही नहीं, बल्कि भजन मंडलियां और डांडिया मंडलियां भी शामिल होंगी। इनके माध्यम से पूरे मार्ग पर धार्मिक और सांस्कृतिक माहौल देखने को मिलेगा।
रिपोर्ट के अनुसार करीब 10 भजन मंडलियां और 10 डांडिया मंडलियां भी शोभायात्रा का हिस्सा बनेंगी। भजनों और धार्मिक गीतों के साथ श्रद्धालु गणेश भक्ति में शामिल होंगे, जबकि डांडिया मंडलियां आयोजन में सांस्कृतिक रंग भरेंगी।
इस तरह शोभायात्रा में धार्मिक आस्था के साथ संगीत, नृत्य, पारंपरिक कला और शौर्य प्रदर्शन का भी संगम देखने को मिलेगा।
बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के पहुंचने की संभावना
अनंत चतुर्दशी के दिन भगवान गणेश की विदाई के लिए देश के कई हिस्सों में शोभायात्राएं और विसर्जन कार्यक्रम आयोजित किए जाते हैं। कोटा में भी यह आयोजन बड़े स्तर पर होता है। भारत सरकार के पर्यटन मंत्रालय के अनुसार कोटा की अनंत चतुर्दशी महोत्सव में लगभग चार लाख लोगों के शामिल होने का उल्लेख है।
इस बार भी शहर के विभिन्न इलाकों से श्रद्धालुओं के शोभायात्रा में पहुंचने की संभावना है। शोभायात्रा के मार्ग पर लोगों की भीड़ को देखते हुए प्रशासन और आयोजन से जुड़े लोगों की ओर से व्यवस्थाएं की गई हैं।
सुरक्षा व्यवस्था पर विशेष फोकस
बड़ी संख्या में लोगों के जुटने को देखते हुए सुरक्षा व्यवस्था को लेकर भी विशेष तैयारी की गई है। प्रमुख स्थानों पर CCTV कैमरों से निगरानी की व्यवस्था की गई है। इसके अलावा किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए फायर ब्रिगेड की व्यवस्था भी की गई है।
भीड़भाड़ वाले क्षेत्रों में सुरक्षा व्यवस्था बनाए रखना प्रशासन के लिए महत्वपूर्ण चुनौती होगी। शोभायात्रा के दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालु सड़क के दोनों ओर मौजूद रहेंगे, जबकि झांकियां और अखाड़े निर्धारित मार्ग से आगे बढ़ेंगे। ऐसे में यातायात और भीड़ प्रबंधन पर भी विशेष ध्यान दिया जाना जरूरी है।
शहर के बाजारों में उत्सव का माहौल
शोभायात्रा के चलते कोटा के प्रमुख बाजारों और पुराने शहर के इलाकों में उत्सव का माहौल रहेगा। दुकानों और बाजारों को सजाया गया है। कई स्थानों पर स्वागत द्वार और मंच तैयार किए गए हैं। श्रद्धालुओं के लिए विभिन्न जगहों पर पेयजल और अन्य व्यवस्थाएं भी की जा रही हैं।
शहर की पुरानी परंपरा के अनुसार शोभायात्रा के मार्ग में स्थानीय लोग और सामाजिक संगठन श्रद्धालुओं एवं विभिन्न मंडलियों का स्वागत करते हैं। इससे आयोजन में सामुदायिक भागीदारी भी देखने को मिलती है।
अनंत चतुर्दशी का धार्मिक महत्व
हिंदू पंचांग के अनुसार 25 सितंबर 2026 को अनंत चतुर्दशी है। कोटा के लिए भी इस दिन गणेश विसर्जन और अनंत चतुर्दशी के धार्मिक आयोजन होंगे। पंचांग संबंधी स्रोतों में 25 सितंबर को शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी और गणेश विसर्जन का दिन बताया गया है।
गणेश उत्सव के दस दिनों के आयोजन के बाद अनंत चतुर्दशी पर भगवान गणेश की प्रतिमाओं का विसर्जन किया जाता है। श्रद्धालु गणपति बप्पा को अगले वर्ष फिर आने की कामना के साथ विदाई देते हैं। इसी अवसर पर कोटा में विराट शोभायात्रा निकाली जाती है।
परंपरा और आधुनिक व्यवस्था का संगम
इस वर्ष के आयोजन में पारंपरिक अखाड़ों, झांकियों और धार्मिक मंडलियों के साथ आधुनिक सुरक्षा व्यवस्था का भी समावेश किया गया है। एक तरफ कलरी जैसे पारंपरिक युद्ध कौशल को मंच मिलेगा, वहीं दूसरी तरफ CCTV और फायर ब्रिगेड जैसी व्यवस्थाओं के जरिए आयोजन को व्यवस्थित और सुरक्षित रखने पर जोर है।
कोटा की अनंत चतुर्दशी शोभायात्रा शहर के धार्मिक जीवन के साथ-साथ इसकी सांस्कृतिक पहचान से भी जुड़ी हुई है। हर वर्ष अलग-अलग क्षेत्रों से आने वाले कलाकार, अखाड़े और मंडलियां इसमें भाग लेकर आयोजन को व्यापक स्वरूप देते हैं।
आज शहर में दिखेगा भक्ति और शौर्य का संगम
25 सितंबर को निकलने वाली इस विराट शोभायात्रा में भगवान गणेश की भव्य झांकियां, करीब 90 अखाड़े, लगभग 200 झांकियां-अखाड़े, भजन और डांडिया मंडलियां तथा केरल का कलरी प्रदर्शन प्रमुख आकर्षण होंगे। सूरजपोल गेट से शुरू होने वाली शोभायात्रा शहर के प्रमुख मार्गों से होकर गुजरेगी।
अनंत चतुर्दशी के अवसर पर कोटा एक बार फिर भक्ति, संस्कृति और शौर्य के रंग में नजर आएगा। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं के शामिल होने की संभावना के बीच सुरक्षा और व्यवस्था पर भी विशेष ध्यान रहेगा। गणेश प्रतिमाओं की विदाई के साथ दस दिवसीय गणेश उत्सव का समापन होगा और शहर में अगले वर्ष फिर गणपति बप्पा के आगमन की प्रतीक्षा शुरू हो जाएगी।
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