श्रीनगर नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट — बड़ा हादसा, 9 की मौत, 30 से अधिक घायल

नवंबर 15, 2025 - 18:09
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श्रीनगर नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट — बड़ा हादसा, 9 की मौत, 30 से अधिक घायल

श्रीनगर नौगाम पुलिस स्टेशन विस्फोट — बड़ा हादसा, 9 की मौत, 30 से अधिक घायल

शुक्रवार देर रात, 14 नवंबर 2025 को जम्मू-कश्मीर के श्रीनगर स्थित नौगाम पुलिस स्टेशन में एक भीषण आकस्मिक विस्फोट हुआ, जिसमें कम से कम नौ लोगों की मौत हो गई और 30 से अधिक लोग घायल हो गए। यह विस्फोट रात लगभग 11:20 बजे उस समय हुआ जब फोरेंसिक विज्ञान प्रयोगशाला (FSL) की एक टीम पुलिस और राजस्व विभाग के अधिकारियों के साथ जब्त किए गए विस्फोटकों की प्रोसेसिंग कर रही थी। अधिकारियों ने प्रारंभिक जांच के आधार पर स्पष्ट किया कि यह कोई आतंकी हमला नहीं, बल्कि एक गंभीर दुर्घटना थी।

यह विस्फोट उन सामग्रियों की जांच के दौरान हुआ जो हाल ही में हरियाणा के फरीदाबाद से बरामद किए गए थे। ये विस्फोटक सामग्रियाँ एक “सफेदपोश आतंकी मॉड्यूल” मामले से जुड़ी थीं, जिसे जैश-ए-मोहम्मद (JeM) नेटवर्क और कुछ समय पहले दिल्ली में हुए लाल किला कार विस्फोट से संबद्ध माना जा रहा है। फरीदाबाद में किराए के एक घर से 2,900 किलोग्राम से अधिक अमोनियम नाइट्रेट आधारित विस्फोटक सामग्री बरामद की गई थी।

सूत्रों के अनुसार, विस्फोट तब हुआ जब FSL विशेषज्ञ अस्थिर अमोनियम नाइट्रेट और अन्य रसायनों से नमूने निकाल रहे थे। ये सामग्री अत्यधिक संवेदनशील थी और कम स्थिरता के कारण मामूली गलत संचालन भी बड़ा विस्फोट उत्पन्न कर सकता था। घटनास्थल पर मौजूद अधिकारियों के मुताबिक, विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि पुलिस स्टेशन का बड़ा हिस्सा क्षतिग्रस्त हो गया, कई वाहन पूरी तरह नष्ट हो गए और बाद में हुए द्वितीयक विस्फोटों के कारण बचाव कार्यों में भी बाधा आई।

हादसे में जिन नौ लोगों की दुखद मौत हुई, उनमें एक स्टेट इन्वेस्टिगेशन एजेंसी (SIA) अधिकारी, तीन FSL कर्मचारी, दो अपराध शाखा के फोटोग्राफर, दो राजस्व विभाग के अधिकारी और एक स्थानीय नागरिक दर्जी शामिल हैं। घायलों में कई पुलिसकर्मी, तकनीकी कर्मचारी तथा आसपास मौजूद अन्य लोग शामिल हैं। सभी को नजदीकी अस्पतालों में भर्ती कराया गया जहाँ कुछ की हालत गंभीर बताई गई।

जांच एजेंसियों ने बताया कि यह विस्फोट उसी मॉड्यूल की जांच से संबंधित था जो अक्टूबर के मध्य में तब उजागर हुआ था जब नौगाम क्षेत्र में जैश-ए-मोहम्मद से जुड़े पोस्टर मिले थे। इसके बाद शुरू हुई जांच में डॉक्टरों और मौलवियों सहित आठ लोगों को गिरफ्तार किया गया था। उनकी गतिविधियों और फंडिंग से जुड़े कई अहम सुराग मिले थे, जिसके बाद विभिन्न स्थानों पर छापेमारी में भारी मात्रा में विस्फोटक सामग्री पकड़ी गई।

इस दुर्घटना के बाद राष्ट्रीय जांच एजेंसी (NIA) ने मामले की जांच अपने हाथ में ले ली है। विशेषज्ञ टीमें यह पता लगाने का प्रयास कर रही हैं कि विस्फोट का कारण किसी प्रकार की तकनीकी चूक, गलत संचालन या फिर स्वयं सामग्री की रासायनिक अस्थिरता थी। अधिकारियों का कहना है कि विस्तृत फोरेंसिक विश्लेषण के बाद ही सही कारणों की पुष्टि हो सकेगी।

यह हादसा सुरक्षा एजेंसियों के लिए एक बड़ी चेतावनी है कि भारी मात्रा में जब्त विस्फोटकों को किस तरह अधिक सुरक्षित तरीके से संग्रहीत और संभाला जाए। फिलहाल पूरा क्षेत्र सील कर दिया गया है और जांच जारी है।

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