एशियन गेम्स में भारत का शानदार अभियान जारी, शूटिंग में गोल्ड-सिल्वर के बाद कबड्डी की दोनों टीमें फाइनल में
एशियन गेम्स में भारत का शानदार अभियान जारी, शूटिंग में गोल्ड-सिल्वर के बाद कबड्डी की दोनों टीमें फाइनल में
नागोया। जापान के आइची-नागोया में चल रहे एशियन गेम्स 2026 में शुक्रवार, 25 सितंबर को भारत के लिए शानदार दिन रहा। शूटिंग में भारत ने एक गोल्ड और एक सिल्वर मेडल अपने नाम किया, वहीं एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल जीतकर भारत की पदक संख्या में इजाफा किया। कबड्डी में भी भारत ने दमदार प्रदर्शन जारी रखा और पुरुष तथा महिला दोनों टीमें अपने-अपने सेमीफाइनल मुकाबले जीतकर फाइनल में पहुंच गईं। अब दोनों टीमों के पास गोल्ड मेडल जीतने का मौका है।
दिन की शुरुआत शूटिंग में भारत के लिए बड़ी सफलता के साथ हुई। सुरुचि सिंह और कमलजीत की जोड़ी ने 10 मीटर एयर पिस्टल मिश्रित टीम स्पर्धा में गोल्ड मेडल जीता। यह एशियन गेम्स 2026 में शूटिंग में भारत का पहला गोल्ड मेडल रहा। भारतीय जोड़ी ने क्वालिफिकेशन में 587-29x का स्कोर किया था और फाइनल में भी मजबूत प्रदर्शन करते हुए स्वर्ण पदक अपने नाम किया।
इसी के साथ भारत ने पुरुषों की 50 मीटर राइफल 3 पोजीशन टीम स्पर्धा में भी सिल्वर मेडल जीता। ऐश्वर्य प्रताप सिंह तोमर, रुद्रांक्ष पाटिल और नीरज कुमार की भारतीय टीम ने दूसरा स्थान हासिल किया। शूटिंग के इन दो पदकों के साथ भारत की शूटिंग टीम ने एक बार फिर अपनी मजबूत मौजूदगी दर्ज कराई।
शूटिंग में भारत का शानदार प्रदर्शन
एशियन गेम्स के शुरुआती दिनों में भी भारतीय निशानेबाजों ने कई पदक जीते हैं। महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा में एलावेनिल वलारिवन सहित भारतीय निशानेबाजों ने सिल्वर मेडल हासिल किए हैं। पुरुषों की 10 मीटर एयर राइफल टीम और व्यक्तिगत स्पर्धा में भी भारत के नाम पदक रहे हैं।
25 सितंबर को सुरুচि सिंह और कमलजीत का गोल्ड भारतीय शूटिंग अभियान के लिए खास रहा। इस जीत के बाद भारत की कुल पदक संख्या में भी तेजी से इजाफा हुआ। उपलब्ध अपडेट के अनुसार भारत के खाते में इस दिन तक 2 गोल्ड, 8 सिल्वर और 9 ब्रॉन्ज सहित कुल 19 पदक दर्ज हो चुके थे।
गुलवीर सिंह ने 10,000 मीटर में जीता सिल्वर
एथलेटिक्स ट्रैक पर भी भारत को बड़ी सफलता मिली। गुलवीर सिंह ने पुरुषों की 10,000 मीटर दौड़ में सिल्वर मेडल अपने नाम किया। उन्होंने 28:29.38 का समय निकाला और दूसरे स्थान पर रहे। बहरीन के बिरहानु बालेव ने 28:27.51 के समय के साथ गोल्ड मेडल जीता।
गुलवीर पूरे मुकाबले के दौरान अग्रणी ग्रुप के साथ बने रहे और अंतिम चरण में अपनी रफ्तार बढ़ाते हुए पोडियम स्थान हासिल किया। एशियन गेम्स में यह इस स्पर्धा में उनका लगातार दूसरा पदक है। इससे पहले 2023 हांगझोउ एशियन गेम्स में उन्होंने 10,000 मीटर में ब्रॉन्ज मेडल जीता था।
गुलवीर के सिल्वर ने एथलेटिक्स में भारत की उम्मीदों को और मजबूत किया। 25 सितंबर को भारतीय एथलीटों के लिए महिलाओं की शॉट पुट, पोल वॉल्ट, पुरुषों की हैमर थ्रो और 100 मीटर सहित कई स्पर्धाएं भी महत्वपूर्ण रहीं।
कबड्डी में महिला टीम ने नेपाल को हराया
भारत की महिला कबड्डी टीम ने सेमीफाइनल में नेपाल को 48-24 से हराकर फाइनल में प्रवेश किया। भारतीय टीम ने मुकाबले की शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी। हाफ टाइम तक भारत 31-17 से आगे था। दूसरे हाफ में भी भारतीय खिलाड़ियों ने दबाव बनाए रखा और अंत में 24 अंकों के अंतर से मुकाबला अपने नाम कर लिया।
इस जीत के साथ भारतीय महिला टीम का गोल्ड मेडल पक्का नहीं हुआ है, लेकिन टीम ने कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर लिया है। अब फाइनल में उसका मुकाबला ईरान और चीनी ताइपे के बीच होने वाले दूसरे सेमीफाइनल के विजेता से होगा। महिला कबड्डी का गोल्ड मेडल मुकाबला 26 सितंबर को खेला जाएगा।
भारतीय महिला टीम ने ग्रुप स्टेज में भी शानदार प्रदर्शन किया था। उसने बांग्लादेश, ईरान और मेजबान जापान को हराकर अपने ग्रुप में शीर्ष स्थान हासिल किया और बिना कोई मुकाबला गंवाए सेमीफाइनल में प्रवेश किया था।
पुरुष कबड्डी टीम भी फाइनल में
महिला टीम के बाद भारतीय पुरुष कबड्डी टीम ने भी सेमीफाइनल में शानदार जीत दर्ज की। भारत ने थाईलैंड को 66-28 से हराकर फाइनल में जगह बनाई। इस जीत के साथ भारतीय पुरुष टीम भी गोल्ड मेडल मुकाबले में पहुंच गई।
भारत की ओर से देवांक दलाल और अर्जुन देशवाल ने आक्रमण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। भारतीय डिफेंस ने भी थाईलैंड के खिलाड़ियों पर लगातार दबाव बनाए रखा। भारत ने मुकाबले के दौरान अपनी बढ़त को लगातार मजबूत किया और अंत में 38 अंकों के बड़े अंतर से जीत दर्ज की।
भारतीय पुरुष टीम ने ग्रुप स्टेज में भी अपना अभियान अपराजित रखा था। उसने जापान, दक्षिण कोरिया, बांग्लादेश और चीनी ताइपे को हराकर चारों मुकाबले जीते थे। इसके बाद सेमीफाइनल में थाईलैंड पर बड़ी जीत के साथ टीम ने फाइनल में प्रवेश किया।
दोनों कबड्डी टीमों के पास गोल्ड जीतने का मौका
भारत के लिए कबड्डी का यह प्रदर्शन इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि पुरुष और महिला दोनों टीमें पिछली एशियन गेम्स में चैंपियन रही थीं। 2026 में दोनों टीमों ने अब तक अपना अपराजित अभियान जारी रखा है और फाइनल में पहुंचकर कम से कम सिल्वर मेडल सुनिश्चित कर लिया है।
एशियन गेम्स कबड्डी में सेमीफाइनल हारने वाली दोनों टीमों को ब्रॉन्ज मेडल दिया जाता है और अलग से ब्रॉन्ज मेडल मैच नहीं खेला जाता। इसलिए सेमीफाइनल जीतने के बाद भारत की दोनों टीमें अब सीधे गोल्ड मेडल के लिए मुकाबला करेंगी।
महिला कबड्डी का फाइनल 26 सितंबर को सुबह और पुरुष कबड्डी का फाइनल दोपहर में निर्धारित है। दोनों मुकाबलों में भारत के पास अपने खिताब का बचाव करने का मौका रहेगा।
भारत की पदक तालिका में लगातार इजाफा
25 सितंबर का दिन भारत के लिए कई खेलों में महत्वपूर्ण रहा। शूटिंग में गोल्ड और सिल्वर, एथलेटिक्स में गुलवीर सिंह का सिल्वर और अन्य स्पर्धाओं में मिले पदकों ने भारत के पदक अभियान को गति दी। वहीं कबड्डी की दोनों टीमों के फाइनल में पहुंचने से भारत के खाते में दो और पदकों की संभावना सुनिश्चित हो गई है।
एशियन गेम्स 2026 में भारत की चुनौती अभी जारी है। शूटिंग में आगे भी कई स्पर्धाएं बाकी हैं, जबकि एथलेटिक्स में भारतीय खिलाड़ी अलग-अलग फाइनल में पदक के लिए उतर रहे हैं। कबड्डी की दोनों टीमों के फाइनल में पहुंचने के बाद 26 सितंबर भारत के लिए एक और महत्वपूर्ण दिन बनने वाला है।
भारत के लिए 25 सितंबर की सबसे बड़ी उपलब्धियों में सुरुचि सिंह-कमलजीत का शूटिंग गोल्ड, 50 मीटर राइफल टीम का सिल्वर, गुलवीर सिंह का 10,000 मीटर सिल्वर और पुरुष-महिला कबड्डी टीमों का फाइनल में पहुंचना शामिल रहा।
अब भारतीय खेल प्रेमियों की नजरें 26 सितंबर पर रहेंगी, जब कबड्डी की दोनों टीमें गोल्ड के लिए मैदान में उतरेंगी। इसके अलावा शूटिंग, एथलेटिक्स और अन्य खेलों में भी भारत के खिलाड़ी पदकों की संख्या बढ़ाने की कोशिश करेंगे।
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