दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: केंद्र ने हमले को आतंकी घटना घोषित किया, कई डॉक्टरों की गिरफ्तारी से उजागर हुआ व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल
दिल्ली लाल किला ब्लास्ट: केंद्र ने हमले को आतंकी घटना घोषित किया, कई डॉक्टरों की गिरफ्तारी से उजागर हुआ व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल
नई दिल्ली, 11 नवंबर 2025 — राजधानी दिल्ली के ऐतिहासिक लाल किले के पास 10 नवंबर 2025 को हुए कार ब्लास्ट को केंद्र सरकार ने एक “जघन्य आतंकवादी हमला” करार दिया है। इस विस्फोट में 13 लोगों की मौत हो गई, जबकि 25 से अधिक लोग घायल हुए। शुरुआती आशंका को अब जांच एजेंसियों ने पुख्ता कर दिया है कि यह घटना एक सुविचारित आतंकी साजिश का हिस्सा थी, जिसमें व्हाइट कॉलर टेरर मॉड्यूल का इस्तेमाल किया गया।
फरीदाबाद की यूनिवर्सिटी का कमरा नंबर 13 बना साजिश का अड्डा
जांच में पता चला है कि आतंकी नेटवर्क ने अल-फलाह यूनिवर्सिटी, फरीदाबाद के कमरा नंबर 13 का उपयोग योजना बनाने, डिजिटल संपर्कों और फंडिंग के संचालन के लिए किया था। केंद्र सरकार ने इस खुलासे को बेहद गंभीर माना है, क्योंकि इसमें उच्च शिक्षित और पेशेवर व्यक्तियों की संलिप्तता सामने आई है।
डॉ. उमर मोहम्मद की पहचान की पुष्टि, घर IED से उड़ाया गया
विस्फोट में मारे गए व्यक्ति की पहचान डॉ. उमर मोहम्मद के रूप में हुई है, जिसकी DNA रिपोर्ट ने पुष्टि कर दी है कि वही विस्फोटक कार का चालक और आत्मघाती हमलावर था।
सुरक्षा एजेंसियों ने इसके बाद पुलवामा स्थित उसके घर को संदिग्ध सामग्री बरामद होने के बाद IED से डिमोलिशन ऑपरेशन के तहत उड़ा दिया।
26 लाख रुपये की फंडिंग और 26 क्विंटल खाद का इस्तेमाल
NIA की रिपोर्ट के अनुसार, आतंकी मॉड्यूल ने 26 लाख रुपये की फंडिंग जुटाई थी। इतना ही नहीं, स्थानीय सप्लाई चैनल के माध्यम से 26 क्विंटल खाद खरीदी गई, जिसका उपयोग विस्फोटक बनाने में किया जाना था। प्रारंभिक रिपोर्टों में खुलासा हुआ कि विस्फोटक पूरी तरह विकसित नहीं था, जिससे विस्फोट अपेक्षाकृत कम विनाशकारी रहा। ब्लास्ट के समय कार तेज गति में थी, जिससे नुकसान सीमित रहा।
कार मालिक आमिर राशिद अली गिरफ्तार
NIA ने धमाके में उपयोग हुई कार के मालिक आमिर राशिद अली को हिरासत में लिया है। उससे पूछताछ में महत्वपूर्ण डिजिटल और वित्तीय लिंक मिलने की उम्मीद जताई जा रही है।
कई MBBS डॉक्टर हिरासत में — बड़ा नेटवर्क सामने आया
विस्फोट के बाद जांच तेज हुई तो पता चला कि मॉड्यूल में कई MBBS डॉक्टरों की भूमिका रही है। अब तक जिन डॉक्टरों को हिरासत में लिया गया है, उनमें शामिल हैं:
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डॉ. आदिल
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डॉ. शाहीन
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डॉ. परवेज
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डॉ. आरिफ
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डॉ. फारूक
जांच एजेंसियों के अनुसार, ये सभी अलग-अलग तरीकों से मॉड्यूल को सहयोग प्रदान कर रहे थे — कुछ फंडिंग चैनल से जुड़े थे, जबकि कुछ लॉजिस्टिक सपोर्ट में शामिल बताए जा रहे हैं।
तुर्की से ‘उकासा’ नामक हैंडलर देता था निर्देश
डिजिटल फॉरेंसिक जांच में एक बड़ा खुलासा तब हुआ जब एजेंसियों ने पता लगाया कि आतंकियों को निर्देश तुर्की में बैठे हैंडलर ‘उकासा’ द्वारा भेजे जा रहे थे। वह एक सुरक्षित संचार प्लेटफॉर्म “सेशन ऐप” के माध्यम से योजनाओं और निर्देशों का आदान-प्रदान करता था।
केंद्र सरकार ने दिया कड़ा संदेश
केंद्रीय मंत्री अश्विनी वैष्णव ने कैबिनेट समिति की आपात बैठक के बाद कहा कि यह “राष्ट्र को चुनौती देने वाला घिनौना आतंकी हमला” है और दोषियों को “कठोरतम सज़ा” दी जाएगी। उन्होंने कहा कि सरकार सभी एजेंसियों के साथ समन्वय कर इस नेटवर्क को जड़ से उखाड़ने के लिए प्रतिबद्ध है।
जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और गिरफ्तारी या बड़े खुलासे होने की संभावना जताई जा रही है।
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