79वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ: लाल किले पर विशेष मेहमानों के बीच "नया भारत" की थीम के साथ भव्य आयोजन
79वें स्वतंत्रता दिवस की तैयारियाँ: लाल किले पर विशेष मेहमानों के बीच "नया भारत" की थीम के साथ भव्य आयोजन
देशभर में इस वर्ष 15 अगस्त को 79वाँ स्वतंत्रता दिवस धूमधाम से मनाया जाएगा। राजधानी दिल्ली स्थित लाल किला एक बार फिर इस ऐतिहासिक क्षण का गवाह बनेगा। केंद्र सरकार ने इस बार के आयोजन को और भी विशेष बनाने के लिए बड़े स्तर पर तैयारियाँ की हैं। सबसे खास बात यह है कि इस बार करीब 5,000 विशेष मेहमानों को लाल किले पर आयोजित समारोह में शामिल होने के लिए आमंत्रित किया गया है। इन मेहमानों में समाज के विभिन्न वर्गों से जुड़े लोग, स्वतंत्रता सेनानियों के परिजन, विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट कार्य करने वाले नागरिक, किसान, शिक्षक, स्वास्थ्यकर्मी, विद्यार्थी और दिव्यांगजन शामिल होंगे।
इस वर्ष स्वतंत्रता दिवस का मुख्य थीम "नया भारत" रखा गया है। सरकार का उद्देश्य है कि समारोह के मंच से प्रधानमंत्री जब राष्ट्र को संबोधित करें तो देश की नई दिशा और विकास यात्रा की झलक स्पष्ट दिखाई दे। "नया भारत" की अवधारणा में आत्मनिर्भर भारत, डिजिटल इंडिया, हरित ऊर्जा, महिला सशक्तिकरण और युवाओं की भागीदारी को विशेष महत्व दिया गया है।
लाल किले के चारों ओर सुरक्षा के सख्त इंतज़ाम किए गए हैं। दिल्ली पुलिस, अर्धसैनिक बल और विशेष सुरक्षा दस्ते को तैनात किया गया है ताकि समारोह में किसी भी प्रकार की बाधा न आए। ड्रोन निगरानी से लेकर सीसीटीवी कैमरों तक का व्यापक नेटवर्क लगाया गया है। साथ ही मेहमानों के प्रवेश के लिए विशेष पास और सुरक्षा जांच की कई परतें तैयार की गई हैं।
सरकार ने इस अवसर पर देशभर में चल रही विकास योजनाओं और उपलब्धियों को भी प्रदर्शित करने की तैयारी की है। समारोह स्थल पर सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से भारत की विविधता और एकता को दर्शाया जाएगा। विभिन्न राज्यों से आए कलाकार पारंपरिक नृत्य और संगीत के कार्यक्रम प्रस्तुत करेंगे।
इसके अलावा, इस बार स्वतंत्रता दिवस समारोह में पर्यावरण संरक्षण और हरित भारत अभियान पर भी ज़ोर दिया जाएगा। लाल किले के आसपास और दिल्ली के प्रमुख मार्गों पर पौधारोपण और स्वच्छता अभियान चलाए गए हैं। साथ ही, इस बार मंच सज्जा और अन्य व्यवस्थाओं में अधिकतम पर्यावरण-मैत्री सामग्री का उपयोग किया जा रहा है।
प्रधानमंत्री का भाषण हमेशा की तरह समारोह का सबसे अहम हिस्सा होगा। उम्मीद है कि प्रधानमंत्री "नया भारत" की दिशा में सरकार की प्राथमिकताओं, आगामी योजनाओं और राष्ट्र के युवाओं के योगदान पर प्रकाश डालेंगे।
इस प्रकार, 79वाँ स्वतंत्रता दिवस न केवल स्वतंत्रता सेनानियों के बलिदान को स्मरण करने का अवसर होगा बल्कि यह भारत की नई संभावनाओं, प्रगति और विश्व पटल पर उसकी मजबूत पहचान का प्रतीक भी बनेगा।
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