भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप”
भारत और फ्रांस ने अपने द्विपक्षीय संबंधों को “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” के स्तर तक उन्नत कर एक ऐतिहासिक उपलब्धि हासिल की है। यह घोषणा फ्रांस के राष्ट्रपति Emmanuel Macron की 17–19 फरवरी 2026 की भारत यात्रा के दौरान की गई। दोनों देशों के बीच 77 वर्षों के कूटनीतिक संबंधों में यह एक महत्वपूर्ण पड़ाव माना जा रहा है। केंद्रीय मंत्रियों ने इसे “40 वर्षीय दृष्टि” करार दिया है, जो 1998 की रणनीतिक साझेदारी पर आधारित है और “होराइजन 2047 रोडमैप” के तहत आगे बढ़ेगी। यह रोडमैप भारत की स्वतंत्रता के 100 वर्ष और दोनों देशों के 100 वर्ष के राजनयिक संबंधों को ध्यान में रखकर तैयार किया गया है।
रक्षा और प्रौद्योगिकी सहयोग
रक्षा क्षेत्र में सहयोग को अगले दस वर्षों के लिए नवीनीकृत किया गया है, जिसमें सह-उत्पादन, तकनीकी हस्तांतरण और संयुक्त विकास पर विशेष जोर रहेगा। भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड और फ्रांस की कंपनी सफरान के बीच HAMMER एयर-टू-सर्फेस मिसाइलों के उत्पादन के लिए संयुक्त उद्यम स्थापित किया जाएगा, जो “मेक इन इंडिया” पहल को मजबूती देगा।
कर्नाटक के वेमगल में H125 हेलीकॉप्टर की फाइनल असेंबली लाइन का उद्घाटन किया गया, जो निजी क्षेत्र में भारत की पहली हेलीकॉप्टर निर्माण इकाई है। यह परियोजना टाटा एडवांस्ड सिस्टम्स और एयरबस के सहयोग से संचालित होगी। इसके अलावा, महत्वपूर्ण और उभरती प्रौद्योगिकियों के संयुक्त विकास के लिए एक संयुक्त एडवांस्ड टेक्नोलॉजी डेवलपमेंट ग्रुप की स्थापना की गई है।
स्कॉर्पीन पनडुब्बी कार्यक्रम के तहत जनवरी 2025 में छठी पनडुब्बी की डिलीवरी हो चुकी है और तीन अतिरिक्त पनडुब्बियों की योजना बनाई गई है। राफेल लड़ाकू विमान कार्यक्रम के तहत स्वदेशीकरण को 50% तक बढ़ाने और फ्रांस की सफरान के साथ मिलकर लड़ाकू विमान इंजन के संयुक्त विकास की दिशा में भी कदम बढ़ाए गए हैं।
नवाचार और कृत्रिम बुद्धिमत्ता
दोनों देशों ने 2026 को “इंडिया-फ्रांस ईयर ऑफ इनोवेशन” के रूप में मनाने की घोषणा की है। “इंडिया-फ्रांस इनोवेशन नेटवर्क” के माध्यम से स्टार्टअप, शोधकर्ता और उद्योग जगत को जोड़ा जाएगा। AI इम्पैक्ट समिट 2026 का आयोजन भी किया गया, जिसमें भरोसेमंद और मानव-केंद्रित कृत्रिम बुद्धिमत्ता के विकास पर जोर दिया गया।
जलवायु और ऊर्जा सहयोग
सिविल न्यूक्लियर ऊर्जा क्षेत्र में सहयोग को गहरा किया गया है, जिसमें महाराष्ट्र के जैतापुर परमाणु ऊर्जा परियोजना और छोटे एवं उन्नत मॉड्यूलर रिएक्टर (SMR/AMR) पर अनुसंधान शामिल है। दोनों देश International Solar Alliance और Coalition for Disaster Resilient Infrastructure की संयुक्त अध्यक्षता कर रहे हैं, जो स्वच्छ ऊर्जा और आपदा-रोधी अवसंरचना के प्रति उनकी प्रतिबद्धता दर्शाता है।
आर्थिक और वैश्विक सहयोग
संशोधित डबल टैक्स अवॉइडेंस एग्रीमेंट से निवेश को बढ़ावा मिलेगा। साथ ही, फ्रांस यूरोप का पहला देश बन गया है जिसने भारत की डिजिटल भुगतान प्रणाली UPI को स्वीकार किया है।
वैश्विक मंच पर दोनों देशों ने नियम-आधारित अंतरराष्ट्रीय व्यवस्था, यूक्रेन और पश्चिम एशिया में शांति प्रयासों तथा इंडो-पैसिफिक क्षेत्र में स्थिरता के प्रति समर्थन दोहराया।
कुल मिलाकर, यह “स्पेशल ग्लोबल स्ट्रैटेजिक पार्टनरशिप” भारत और फ्रांस के रिश्तों को नई ऊंचाइयों पर ले जाने वाला कदम है, जो आने वाले दशकों में रक्षा, तकनीक, ऊर्जा और वैश्विक शासन के क्षेत्रों में गहरे सहयोग का मार्ग प्रशस्त करेगा।
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