राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल समाप्त, 35,000 बसों का संचालन फिर शुरू
राजस्थान में निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल समाप्त, 35,000 बसों का संचालन फिर शुरू
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राजस्थान में पिछले कुछ दिनों से जारी निजी बस ऑपरेटरों की हड़ताल आखिरकार गुरुवार रात समाप्त हो गई। परिवहन मुख्यालय में राज्य सरकार और निजी बस संचालकों के बीच हुई महत्वपूर्ण बैठक के बाद यह सहमति बनी। बैठक में जयपुर कलेक्टर Dr. Jitendra Kumar Soni, परिवहन आयुक्त Purushottam Sharma तथा All Rajasthan Contract Carriage Bus Operators Association के प्रतिनिधि मौजूद रहे।
कई मांगों पर बनी सहमति
सूत्रों के अनुसार, बस ऑपरेटरों की कुछ प्रमुख मांगों पर तत्काल सहमति बन गई, जबकि अन्य मांगों को विधानसभा सत्र समाप्त होने के बाद चरणबद्ध तरीके से निस्तारित करने का आश्वासन दिया गया है। सरकार ने मोटर वाहन अधिनियम (MV Act) में आवश्यक संशोधन के प्रस्ताव को आगे भेजने का भरोसा भी दिलाया है।
बस ऑपरेटर लंबे समय से कर व्यवस्था, परमिट शर्तों और दंडात्मक प्रावधानों में राहत की मांग कर रहे थे। बैठक के दौरान इन मुद्दों पर सकारात्मक चर्चा हुई, जिसके बाद हड़ताल वापस लेने का निर्णय लिया गया।
35,000 बसें फिर सड़कों पर
हड़ताल समाप्त होते ही गुरुवार रात से करीब 35,000 निजी बसों का संचालन फिर से शुरू हो गया। इससे राज्यभर में यात्रियों को बड़ी राहत मिली है। पिछले दिनों बस सेवाएं ठप रहने से विद्यार्थियों, नौकरीपेशा लोगों और दैनिक यात्रियों को काफी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा था।
विशेष रूप से होली से पहले यात्रा करने वालों के लिए यह फैसला राहत भरा साबित हुआ है। त्योहार के मद्देनजर बड़ी संख्या में लोग अपने घरों की ओर रुख करते हैं, ऐसे में बस सेवाएं बहाल होना महत्वपूर्ण माना जा रहा है।
प्रशासन और ऑपरेटरों की प्रतिक्रिया
प्रशासनिक अधिकारियों ने कहा कि सरकार संवाद के माध्यम से समस्याओं के समाधान के पक्ष में है और भविष्य में भी इसी तरह समन्वय बनाए रखा जाएगा। वहीं, बस ऑपरेटरों के प्रतिनिधियों ने भी सरकार के सकारात्मक रुख की सराहना की और उम्मीद जताई कि शेष मांगों का समाधान भी तय समयसीमा में हो जाएगा।
आमजन को बड़ी राहत
हड़ताल समाप्त होने से राज्य की परिवहन व्यवस्था फिर पटरी पर लौट आई है। ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों के बीच संपर्क बहाल होने से व्यापारिक गतिविधियों पर भी सकारात्मक असर पड़ेगा।
कुल मिलाकर, सरकार और बस ऑपरेटरों के बीच हुई सहमति ने न केवल परिवहन संकट को टाला है, बल्कि त्योहार से पहले लाखों यात्रियों को राहत पहुंचाई है।
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